माता देवाला शीतला मंदिर में साल भर का खर्चा दंड स्वरूप लेकर ही माने

मुड़पार में 11 परिवारों को बहिष्कृत करने का मामला

By: Nakul Sinha

Published: 10 May 2020, 06:17 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. ग्राम पंचायत मुड़पार में 11 परिवारों को बहिष्कृत करने का मामला आखिरकार सुलझ ही गया हालांकि प्रशासन ने तहसीलदार अविनाश धु्रव व टीआई एलेग्जेंडर कीरो के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ पहुंचकर दोनों पक्षों की संयुक्त बैठक ग्राम में ली थी। पीडि़तों ने जिन 23 लोगों के खिलाफ शिकायत कर प्रताडऩा का आरोप लगाया था बैठक में वही पक्ष जमकर हावी रहा गांव के प्रमुखों का कहना था कि जो भी पूर्व पंचायत चुनाव में 5 वर्ष पूर्व बोया गया था उसी की फसल काटी गई है। 5 वर्ष पूर्व भी पंचायत चुनाव को लेकर कुछ ग्रामीणों को बहिष्कृत किया गया था और अर्थ दंड लेकर उनकी वापसी हुई थी किंतु इस बार पीडि़त 11 परिवारों ने पुलिस अधीक्षक व जिलाधीश सहित एसडीएम व थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी जिसे लेकर प्रशासन ने अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद दोनों पक्षों के बीच में चर्चा कराई।

पांच वर्षो से चला आ रहा बहिष्कार आखिरकार खत्म
दोनों पक्षों मे चर्चा के पश्चात भी ग्राम प्रमुख बिना दंड लिए मानने तैयार नहीं थे उनका कहना था कि या तो 5 वर्ष पूर्व लिया गया दंड लौटाया जाए तभी मानेंगे प्रशासन के दबाव के चलते आखिरकार बात बनी और 11 परिवार इस बात पर सहमत हुए गांव के शीतला में साल भर के त्यौहार में होने वाले आयोजन के खर्चे को वे लोग मिलकर वहन करेंगे और यही बहिष्कार के समाप्त होने का आधार बना। गांव के प्रमुख हरीशचंद कदम,रामचंद्र चौधरी,बंल्दू कवंर ,ामलाल सिन्हा,नंदकुमार ठाकरे व गोपीनाथ सहित अन्य सभी लोगों ने अपना पक्ष मजबूती से रखा तथा बहिष्कृत परिवारों की बोलती बंद कर दी। अर्थदंड के बतौर सात लाख रुपए की बात बार-बार दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 5 वर्ष पूर्व और भी लोगों ने दंड भरा है जब गांव में है परंपरा है तो इससे अब भागने की क्या जरूरत है किंतु टीआई एलेग्जेंडर किरो व अविनाश धु्रव ने दोनों पक्षों को सुनकर बीच का रास्ता निकालने का आह्वान ग्रामीणों से किया, माता देवाला में सहयोग देने की बात पर सुलह हुई।

क्या था मामला
3 माह पहले पंचायत चुनाव में उपसरपंच का प्रत्याशी उतारा गया था जबकि सरपंच चुनाव में यह चर्चा हुई थी कि बड़े गांव से सरपंच तथा छोटे गांव से उप सरपंच चुना जाएगा। ऐसा नहीं हुआ जिसे लेकर चुनाव के पश्चात ग्राम प्रमुखों ने इस तरह का फैसला सुनाया था। बहिष्कार के बाद 11 परिवारों के सदस्यों के साथ बोलचाल बंद कर दी गई थी। हुक्का पानी बंद होने के साथ-साथ दुकान से सामग्री खरीदने की मनाही, मवेशियों को बाहर चराने जाने नहीं देना, उनके बच्चों से तक बातचीत नहीं करने की बातें भी सामने आई। जिसे लेकर पीडि़त पक्ष ने लगातार शिकायतें की और न्याय की गुहार लगाई आखिरकार प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला सुलझ ही गया। बहिष्कृत परिवार जिनमें ज्ञान चंद साहू, हीरा चौधरी, अमित देशमुख, छबिलाल करसे, माया चौधरी, विद्याबाई चौधरी, रामलाल कंवर, आसाराम कंवर, राजेश चौधरी व सरपंच लताबाई ठाकरे का ग्राम से बहिष्कार समाप्त हुआ और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

Nakul Sinha Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned