प्रसिद्ध रथयात्रा पर्व में कोरोना संक्रमण का साया, गाइड लाइन के आधार पर होगी पूजा और दर्शन ...

इस वर्ष रथ नहीं खींच पाएंगे भक्त, आयोजन को किया गया रदद, केवल दर्शन हो सकेंगे

By: Nitin Dongre

Updated: 17 Jun 2020, 10:09 AM IST

खैरागढ़. ब्लॉक के पांड़ादाह में रियासतकालीन और प्रसिद्धप्राप्त रथयात्रा भी इस बार कोरोना से पूरी तरह प्रभावित रहेगी। पांड़ादाह स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में रियासत काल से ही रथयात्रा का पर्व पूरे उत्साह के साथ होता है जिसमें गांव शहर सहित बड़ी संख्या में दूरदराज के लोग पहुंचते हैं। इस बार रथयात्रा 23 जून को होनी है। वर्षों से पांड़ादाह स्थित जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में होने वाले भगवान बलदेव के रथयात्रा में दर्शन लाभ लेने हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों के साथ जिले के शीर्ष आध्यात्मिक राजनीतिक लोग भी यहां पहुंचते है।

इस वर्ष वैश्विक महामारी करोना संक्रमण के कारण सोमवार को मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने रथ यात्रा पर्व को मनाए जाने के लिए अनुमति के लिए आवेदन एसडीएम निष्ठा पांडेय को सौंपते हुए मेला संबंधी सभी हालत पर चर्चा की। चर्चा में संक्रमण को देखते और लगातार बढ़ रहे संक्रमितों के आकड़ों के बाद पांड़ादाह में रथ यात्रा मेला का आयोजन इस वर्ष रदद कर दिया गया। मंदिर सेवा समिति द्वारा मेला में लगने वाले दुकानों और दुकानदारों से इस बार रथयात्रा में दुकान नही लगाने अपील की है।

गाइडलाइन के अनुसार होगी पूजा, नियमानुसार होगा सिर्फ दर्शन

पांड़ादाह स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान बलदेव के पूजा स्थल में केवल 10 लोगों को पूजा के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए पूजा और भगवान की मंदिर परिसर में परिक्रमा सम्पन्न होगी। पूजा के बाद अधिकतम 3 व्यक्तियों को 2 मिनट के समय देकर दर्शन के लिए मंदिर में क्रमबद्ध होकर जाने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर समिति द्वारा इस बार प्रसाद का वितरण नही किया जाएगा। दर्शनार्थियों के साथ पूजा में शामिल होने वाले पुजारियों को मास्क, गमछा मुंह में लगाना अनिवार्य किया गया है। किसी भी दशा में मंदिर परिसर में भीड़ इकटठा होने नहीं दिया जाएगा। मंदिर परिसर में पूजा के समय 10 से अधिक लोग उपस्थित नहीं होंगे। पूजा के पहले मंदिर समिति द्वारा पूरे मन्दिर परिसर को सेनिटाइज किया जाएगा। मंदिर समिति ने अपील करते निवेदन किया है कोरोना महामारी से बचाव के लिए रथयात्रा का पर्व इस बार पूरी सादगी से और लॉकडाउन के दौरान जारी किए गए गाइडलाइन का पालन कर मनाया जाएगा।

Nitin Dongre Desk
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