राजनांदगांव-सहसपुर दल्ली तक मार्ग में पीडब्लयूडी ने मुरूम डालने के नाम पर कर दी खानापूर्ति ...

सोल्डर में मुरूम डालने के बजाय जुताई करा दी

By: Nitin Dongre

Updated: 30 Jun 2020, 07:57 AM IST

ठेलकाडीह. रास्ता मंजिल तक ले जाने का माध्यम होता है। अलग-अलग गांवों और शहरों को जोडऩे का काम करता है। सड़कों के माध्यम से ही विकास को नई रफ्तार देने के लिए शासन अच्छी सड़क का निर्माण कराकर इनका रख-रखाव करती है लेकिन इन सड़कों की जिम्मेदारी और समय-समय मरम्मत करने वाले अधिकारी इस मरम्मत कार्य तक में कमाने की सोच रखते है। इसी वजह से मरम्मत की आड़ में गफलतबाजी कर कार्य को पूर्ण करने की कागजी घोड़े दौड़ाते हैं।

कुछ इसी तरह की राजनांदगांव से सहसपुर दल्ली तक हाल में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क के किनारे आधी अधूरी मुरूम डाली गई। उक्त कार्य में विभाग के अधिकारियों ने जहां मुरूम नहीं डाला है वहां पर टै्रक्टर से जुताई करा दी है। इसके कारण अब सड़क किनारे हादसे का अंदेशा और अधिक बढ़ गया है जबकि मुरूम फीलिंग का कार्य अब तक पूर्ण नहीं हुआ है। कई जगह अभी भी गड्ढे दिख रहे हैं।

हर साल लाखों के मुरूम डाले जाते हैं

पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इस मार्ग में हर साल लाखों रूपए खर्च कर सड़क किनारे मुरूम फीलिंग कराया जाता है। हकीकत में यहां कितना काम होता है और कितना नहीं ये तो मौके पर ही समझ में आता है। विभाग के अधिकारियों के लिए यह मार्ग चारागाह जरूर बना है जो हर साल मुरूम फीलिंग की आड़ में कालापीला करते हैं।

ऐसा होता है पूरा खेल

पीडल्यूडी विभाग द्वारा इस मार्ग में राजनांदगांव से सहसपुर दल्ली तक बारिश से पूर्ण हर साल लाखों के सड़क किनारे डाले जाते हैं। जिससे गड्ढे भरने और समतल बनाने के लिए कार्य करते हैं लेकिन इस मुरूम के खेल में विभाग के अधिकारी जमकर लापरवाही करते हैं। विभाग के अधिकारी कागज में तो जरूर काम होने का दावा करते हंै लेकिन हकीकत में कुछ और ही होती है।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned