यहां नहीं मिल रहा किसानों को न्याय, मौसम दे रहा दगा, आंसूओं से खेतों को सींच रहे बेबस किसान ...

खेतों में पड़ी दरारें, लो-वोल्टेज के कारण पंप व घर में दूसरा उपकरण नहीं चला पा रहे उपभोक्ता

By: Nitin Dongre

Published: 24 Jul 2020, 07:22 AM IST

राजनांदगांव. कांग्रेस की भूपेश सरकार भले ही किसानों को न्याय दिलाने योजना चला रही हो, लेकिन वर्तमान में राजनांदगांव जिले के किसान तो बिजली व्यवस्था से त्रस्त हैं। यहां पूरे जिलेभर में लो-वोल्टेज व बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। लगातार शिकायत के बाद भी इस व्यवस्था को सुधारने के लिए बिजली कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाई है। अफसर लगातार आश्वासन दे रहे और कांग्रेसी नेता भूपेश बघेल को किसान हितैषी सरकार बताकर योजनाओं का बखान कर फोटो खिंचवाने में मस्त हैं।

करोड़ों रुपए कर्ज लेकर खेती कर रहे किसानों को अब तक मौसम ने जमकर दगा दिया है। साथ ही साथ बिजली कंपनी भी व्यवस्था के नाम पर मजाक बना दी है। बिजली कंपनी के अफसर बारिश नहीं होने की स्थिति में सिंचाई के लिए मोटर पंप का उपयोग अधिक होने का बहाना बना रहे हैं। जबकि कंपनी किसानों से पूरे 12 महीने बिल वसूलती है। चाहे किसान मोटर चलाए या बंद रहे। बिल भुगतान में जरा सी देरी हुई तो लाइन काटने कर्मचारी पहुंंच जाते हैं। अब इस समस्या से अन्नदाताओं को कौन न्याय दिलाएगा, फिलहाल इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।

हमारे विधायक तो लापता हैं

वैसे तो हमारे जिले में चार कांग्रेसी विधायक हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं और अपने आप को किसान पुत्र व किसान नेता होने का भी दावा करते हैं, लेकिन अब तक किसी भी विधायक ने बिजली कंपनी की अव्यवस्था को लेकर पहल नहीं की है। वहीं राजनांदगांव के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का दर्शन दुर्लभ हो गया है। यहां की जनता किसी प्रकार की समस्या होने पर अपने विधायक से गुहार नहीं लगा सकते हैं।

बिजली बिल नहीं सप्लाई आधी

बिजली की ऐसी बदहाल व्यवस्था से बाजार में दुकानदार से लेकर घर में गृहिणी तक के काम-काज प्रभावित हो रहा है। इधर सरकार बिजली बिल हॉफ करने की वाहवाही लूट रही है। जबकि लोगों को बिजली की सप्लाई ही आधी कर दी गई।

खपत अधिक होने का बहाना

बिजली कंपनी बारिश कम होने से मोटर पंपों का उपयोग अधिक होने के कारण खपत बढऩे की बात कहकर बहानेबाजी कर रही। जबकि लो-वोल्टेज की समस्या कुछ क्षेत्रों में पिछले छह महीने से बरकरार है। बिजली कंपनी ने छह महीने पहले गोंदिया जा रही बिजली को डायवर्ट कर जिले में देने का दावा करते हुए आने वाले 50 सालों तक लो-वोल्टेज नहीं होने का दावा की थी, लेकिन इस दावे का एक साल में ही पोल खुल गई है।

Nitin Dongre Desk
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