गरीबों के नि:शुल्क राशन में फिर से जारी है कांटामारी, केंद्रीय मंत्री के आदेश का नहीं हो रहा पालन

प्रति व्यक्ति पांच-पांच किलो के स्थान पर 3-3 किलो वितरण कर रहे

By: Nakul Sinha

Updated: 10 May 2020, 06:21 AM IST

राजनांदगांव / कौड़ीकसा. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जनता कैसे सुरक्षित रहे, चिंता करते हुए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है। रोजी मजदूरी बंद होने से राशन की समस्या उत्पन्न हो गई थी। गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की गई है लेकिन उसमें भी कांटामारी की जा रही है। गरीबों को भूखे पेट न सोना पड़े इसलिए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन माह तक नि:शुल्क खाद्यान्न के अलावा प्रति व्यक्ति पांच पांच किलो अतिरिक्त अनाज देने की घोषणा की थी।

दो माह के चावल के साथ एक माह का शक्कर व चना प्रदान कर रहे
अप्रैल माह में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दो माह का चावल वितरण कर दिया, लेकिन चना, शक्कर, नमक एक माह का प्रदान किया गया। वर्तमान माह मई में जून का अनाज के साथ तीन माह का पांच किलो के हिसाब से प्रति यूनिट पंद्रह किलो अतिरिक्त अनाज का वितरण किया जाना है लेकिन इसमें भी कटौती कर दिया गया व पांच के बदले तीन किलो मतलब नौ किलो ही अतिरिक्त अनाज दिया जा रहा है। शक्कर, नमक एक महीने का प्राप्त हो रहा है याने इसमें भी कांटामारी।

विधायक को मामले की जानकारी ही नहीं
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शासकीय व महिला समूह द्वारा संचालित दुकानों पर जाने से पता चला कि पांच किलो नहीं बल्कि तीन किलो अतिरिक्त अनाज का आबंटन हुआ है जिसे वितरण कर रहे हैं। केन्द्र से हर बार पैकेज की मांग करने वाली राज्य सरकार केन्द्र से प्राप्त राशन में ही कटौती करने में लगी हुई है, याने एक माह का शक्कर, नमक व गरीबों के हक का दो किलो चावल, गेहूं गायब। इस संबंध में विधायक इंद्रशाह से बात करने पर गैरजिम्मेदारी पूर्वक जवाब रहा।

जानकारी लेकर बता पाऊंगा
सीईओ जनपद पंचायत अंबागढ़ चौकी, बीएल देहारी ने कहा कि आपके माध्यम से पता चल रहा है फुड विभाग से जानकारी लेकर बता पाऊंगा पांच के बदले तीन किलो क्यों वितरण किया जा रहा है।

Nakul Sinha Desk
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