बाजार खुला, शराब दुकानों में उमडा़ सैलाब, एक दिन में पौने 3 करोड़ की बिक्री ...

सराफा, कपडा़, बर्तन दुकानों के पट डेढ़ महीने बाद खुले

By: Nitin Dongre

Updated: 05 May 2020, 06:16 AM IST

राजनांदगांव. लॉकडाउन के तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही ग्रीन जोन में शामिल राजनांदगांव जिले में व्यवसायिक गतिविधियां काफी हद तक शुरु हो गईं। यहां पूर्व में संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा सराफा, कपड़े, बर्तन और इलेक्ट्रानिक्स का व्यवयाय सोमवार से शुरु हो गया लेकिन इनके साथ ही 43 दिन पहले बंद हुई शराब दुकानों ने सारे रिकार्ड तोड़ते हुए जमकर कारोबार किया। जिलेभर से मिली खबर के अनुसार अकेले एक दिन में यहां पौने 3 करोड़ रुपए की शराब बिकी। जिले में देशी शराब की बिक्री 1 करोड़ 8 लाख रुपए और विदेशी शराब की बिक्री 1 करोड़ 68 लाख रुपए की हुई। सुबह 8 बजे खुलने वाली शराब दुकान में तड़के से लोग पहुंच गए थे। शराब खरीदने लोग हुजूम की शक्ल में मौजूद रहे। लोगों को नियंत्रित करने शराब दुकानों के बाहर बडी़ संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था लेकिन इसके बावजूद सभी जगह सोशल डिस्टेंटिंग की धज्जियां उड़ती रहीं।

विश्वव्यापी आपदा बन चुके कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में बीते 22 मार्च को जनता कफ्र्यू और फिर 24 मार्च से लॉकडाउन लगा हुआ है। इसी के साथ ही कई तरह की व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। शराब दुकानों का संचालन भी इसमें शामिल था। आज यानि 4 मई सोमवार से लॉकडाउन के तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के तहत ग्रीन, आरेंज और रेड जोन में आने वाले इलाकों को कुछ छूट दी गई है। राजनांदगांव चूंकि ग्रीन जोन में शामिल है, ऐसे में यहां व्यवसायिक गतिविधियों को पहले से ज्यादा छूट मिल गई है। हालांकि जिला प्रशासन ने ग्रीन जोन में होने के बाद भी महाराष्ट्र सीमा में बसे होने के कारण राजनांदगांव जिले में सुबह 7 से लेकर अपरान्ह 4 बजे तक की ही छूट दी है। इसके अलावा ग्रीन जोन में शामिल कुछ छूट से भी राजनांदगांव को अलग रखा गया है। इसमें सेलून शामिल है। शराब दुकानों के साथ ही लंबे समय से बंद कपडा़, सराफा, इलेक्ट्रानिक्स, बर्तन दुकानों और पान ठेलों को भी आज से खोलने की इजाजत मिली।

सराफा में धीमी शुरुआत

लॉकडाउन के बाद से बंद चल रहे सराफा बाजार के खुलने के साथ ही ग्राहकी की धीमी शुरुआत हुई है। शादी-ब्याह के मौसम में व्यापार के बंद रहने से सराफा कारोबारियों का नुकसान जरूर हुआ है लेकिन बीते करीब डेढ़ महीने कारोबार बंद होने के बाद भी सोने की कीमत में उछाल आया है। मार्च के आखिर में जब दुकानें बंद हुई थीं उस समय सोने की कीमत 44 हजार रुपए प्रति तोला था। आज यह 45 हजार 5 सौ रुपए है। सराफा कारोबारी धनेश बरडिया ने बताया कि अभी ग्राहकी बढऩे में समय लगेगा। दुकानों में इक्का-दुक्का ग्राहक पहुंच रहे हैं।

पहले से ज्यादा चहल-पहल

राजनांदगांव जिले में कोरोना का मामला सामने आने के बाद यहां की व्यवसायिक गतिविधियों को सीमित कर दिया गया था। बाद में कोरोना मुक्त होने और लंबे समय तक कोई मामला नहीं आने के चलते इस जिले को ग्रीन जोन में स्थान मिलने के साथ ही लॉकडाउन के तीसरे चरण में काफी गतिविधियां शुरु कर दी गई हैं। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र सदर बाजार, भारत माता चौक, कामठी लाइन में सराफा, कपडा़, इलेक्ट्रानिक्स का कारोबार शुरु होने के चलते सोमवार को पहले से ज्यादा चहल-पहल की स्थिति रही। लंबे समय से इन दुकानों के खुलने का इंतजार कर रहे ग्राहक यहां पहुंचते रहे।

प्रशासन के लिए यहां है बडी़ चुनौती

करीब डेढ़ महीने बाद शराब दुकानें खुलने के चलते जिलेभर की दुकानों में जमकर भीड़ रही। सुबह 8 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक के समय में शराब दुकानों के बाहर लोगों का हुजूम जमा रहा। तड़के से लोग और उन्हें नियंत्रित करने पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि तमाम उपायों के बाद भी शराब दुकानों में सोशल डिस्टेंटिंग का पालन नहीं हो पाया और शराब खरीदने धक्का मुक्की की स्थिति रही। सोशल डिस्टेंटिंग के नजरिए से शराब दुकानों में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए इस पर नियंत्रण करना प्रशासन के लिए कडी़ चुनौती होगी।

पहले दिन आनलाइन में हुई एक खरीदी

शराब दुकानों में भीड़ कम करने राज्य सरकार ने शराब की होम डिलीवरी का भी विकल्प दिया है। लोग वेबसाइट या फिर एप के माध्यम से शराब मंगा सकते हैं। आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन एक ग्राहक को होम डिलीवरी दी गई है। इस माध्यम से शराब क्रय करने वाले ग्राहक ने 4 बोतल बियर खरीदा और उसने 840 रुपए चुकाए।

विरोध भी होता रहा

छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों का संचालन सरकार के हाथों में है। ऐसे में यहां शराब दुकानें खोले जाने को लेकर जमकर विरोध भी हो रहा है। राज्य सरकार ने केन्द्र की गाइडलाइन के आधार पर दुकानें जरूर खोल दी हैं लेकिन भाजपा के नेता इसे लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने कहा है कि शराब दुकान खोलकर कोरोना काल के सारे अनुशासन छत्तीसगढ़ में भंग कर दिए गए है। उन्होंने कहा कि मात्र शराब बेचने सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि लाकडाउन में शराब नहीं मिलना वरदान साबित हो गया था, घर के लोग प्रसन्न थे, परिवार के लोग अच्छा महसूस कर रहे थे और लोगों में शराब की लत छूट गई थी।

17 मई तक लागू रहेगा धारा-144

कलक्टर और जिला दंडाधिकारी जयप्रकाश मौर्य ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उद्देश्य से जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत लागू धारा-144 को 17 मई या आगामी आदेश तक प्रभावशील करने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि धारा 144 के आदेश के उल्लंघन किए जाने पर विधि के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलक्टर मौर्य ने कहा है कि कार्यालयों, प्रतिष्ठान, सेवाओं इत्यादि को दी गई छूट इस आदेश में भी यथावत रहेगी।

रात 9 से सुबह 6 तक लोडिंग अनलोडिंग

कलक्टर मौर्य ने राजनांदगांव आने वाले मालवाहक वाहनों तथा सब्जी- फल वाले वाहनों के संबंध में आदेश जारी कर कहा है कि जिले में लागू लॉकडाउन एवं धारा 144 के दौरान आवश्यक सेवाओं में शर्तों के साथ छूट दी है। अन्य राज्यों तथा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से विभिन्न प्रकार की सामग्री लेकर राजनांदगांव शहर आने वाले वाहन सीधे शहर प्रवेश नहीं करेंगे। उन्हें सर्वप्रथम ट्रान्सपोर्ट नगर में आमद देकर आवश्यक जानकारी रजिस्टर करवाना अनिवार्य होगा। उसके पश्चात् रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के मध्य संबंधित प्रतिष्ठान में सामग्री लोड-अनलोड करने की अनुमति होगी। राजनांदगांव मंडी में फल-सब्जी तथा अन्य सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को सीधे मंडी जाने की छूट दी गई है। उन्हें ट्रान्सपोर्ट नगर में पंजीयन कराना अनिवार्य नहीं है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Nitin Dongre Desk
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