कोविड-19 के इलाज के लिए तैयार हुआ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ...

160 बेड का अस्पताल, आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए यही बन रहा है कोविड-19 वायरोलॉजी लैब

By: Nitin Dongre

Updated: 05 May 2020, 06:23 AM IST

राजनांदगांव. कोविड-19 के इलाज के लिए पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल अब पूरी तरह तैयार है। कुल 480 बेड का कोविड-19 हॉस्पिटल है, जिसमें से 160 बेड पूर्ण रूप से इलाज के लिए तैयार है। कलक्टर जयप्रकाश मौर्य ने सोमवार को पेण्ड्री स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां सभी डाक्टरों से बातचीत की और व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

प्रथम तल में फ्लू ओपीडी चल रहा है। फ्लू ओपीडी मरीजों का परीक्षण कर कोविड-19 का सेम्पल यहीं से लेने की व्यवस्था की गई है। जिनका रिपोर्ट पॉजिटिव होगा उन्हें ही हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। यह डेजिगनेटेड (मनोनीत) कोविड-19 ट्रिटमेंन्ट सेन्टर है। जहां कोविड-19 मरीज का इलाज किया जाएगा। प्रथम तल में ही कोविड-19 गर्भवती माता के लिए वार्ड, सिजेरियन एवं सामान्य प्रसव कक्ष की व्यवस्था की गई है। रक्त परीक्षण के लिए पैथोलॉजी लैब स्थापित किया गया है।

सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से मरीजों की सतत निगरानी की जाएगी

द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल में कोविड-19 वार्ड है। हर तल में 4 वार्ड है, जिनमें से 2 महिला के लिए और 2 पुरूष वार्ड है। 160 बेड में से 120 बेड हल्के लक्षण के मरीजों, 15 बेड आईसीयू के गंभीर मरीज, 25 बेड कोविड-19 मरीज हाई डिपेन्डेंसी यूनिट में रखा जाएगा। तृतीय और चतुर्थ तल में दु्रत गति से निर्माण कार्य चला रहा है। एक हफ्ते के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मरीज के निगरानी के लिए सीसीटीव्ही कैमरा, टू-वे कम्प्यूनिकेशन सिस्टम, हर वार्ड में माईक सिस्टम, टीवी और आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है। सीसीटीव्ही कैमरा के माध्यम से मरीजों की सतत निगरानी की जाएगी।

क्वारेंटाइन में रहेंगे डाक्टर

डॉक्टर एवं नर्स जो ड्यूटी पर तैनात रहेंगे उनके लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था हॉस्पिटल में ही रहेगी। ड्यूटी के उपरोत डॉक्टर एवं नर्स 14 दिन क्वारेंटाइन के लिए हॉस्पिटल में ही रहेंगे। मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग में होगा

लैब में ही होगी जांच

मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग ने कोविड-19 वायरोलॉजी लैब स्थापना की जा रही है। जिससे भविष्य में यहां पर भी आरटीपीसीआर टेस्ट हो सकेगा। अभी सेम्पल रायपुर एम्स भेजा रहा है। इस लैब के बन जाने से जांच की सुविधा यहीं हो जाने से मरीज के त्वरित इलाज में आसानी होगी।

मानव संसाधन एवं स्टैंड ऑपरेटिव प्रोसिजर

जिसके तहत मरीज को उपचार उपलब्ध कराने के लिए आदर्श मार्गदर्शिका तैयार कर ली गई है एवं विभिन्न टीमों का गठन कर लिया गया है। जैसे आईसीयू टीम, बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट टीम, इंफेक्शन कन्ट्रोल टीम का गठन कर लिया गया है। वर्तमान में 160 बेड के हिसाब से मानव संसाधन उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. रेणुका गहिने, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक, कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. अजय कोसम एवं अन्य डॉक्टर उपस्थित थे।

Nitin Dongre Desk
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