तीस फीसदी से ज्यादा संक्रमित आईटीबीपी से, अब बिना लक्षण वालों के लिए बनेगा अलग आइसोलेट वार्ड ...

आम लोग भी घर में करा सकेंगे कोरोना का इलाज

By: Nitin Dongre

Published: 01 Aug 2020, 07:24 AM IST

राजनांदगांव. आईटीबीपी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब इस फोर्स के एसिप्टोमेटिक (बिना लक्षण वाले) मरीजों का इलाज कोविड अस्पताल के बजाए कैम्प तैयार कर आइसोलेट कर किया जाएगा। इसके लिए सोमनी में ही स्वास्थ्य विभाग के भवन में तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आईटीबीपी की शुक्रवार को बैठक में यह तय किया गया।

राजनांदगांव जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और यहां करीब 260 बेड मरीजों के लिए तैयार हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार इनमें से आधे से ज्यादा में आईटीबीपी के जवान हैं। ऐसे में यह तय किया गया है कि फोर्स के बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों का इलाज कोविड अस्पताल के बाहर ही किया जाए।

ढाई सौ से ज्यादा संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुल संक्रमित मामलों 694 में आईटीबीपी से ही 259 केस हैं। साथ ही संक्रमित पुलिस जवानों की संख्या 30 है। यानि तीस फीसदी से ज्यादा संक्रमित आईटीबीपी से ही हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए कोरोना मरीजों के इलाज की दिशा में नए फैसले लिए गए हैं।

लक्षण होने पर ही अस्पताल भेजा जाएगा

कलेक्टर के साथ ही स्वास्थ्य अमले और आईटीबीपी के अफसरों की बैठक में तय किया गया है कि बिना लक्षण के मरीजों का इलाज आइसोलेशन वार्ड बनाकर किया जाएगा और किसी तरह के लक्षण मिलने पर उनको अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।

आम लोग भी घर में करा सकेंगे इलाज

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और अस्पतालों में सीमित व्यवस्था को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश के बाद राजनांदगांव में भी बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों का इलाज घर में ही करने का आदेश आया है। इस आदेश के तहत कोरोना संक्रमितों के घर में पर्याप्त व्यवस्था होने की स्थिति में वो अपने घर में ही स्वास्थ्य अमले की निगरानी में इलाज करा सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।

Nitin Dongre Desk
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