मछली पकडऩे गए बच्चे का पैर उफनते नाले के चट्टान में फंसा, 10 घंटे बाद NDRF ने बहाव रोककर बचाई मासूम की जान

एनडीआरए भिलाई की टीम ने ठंडार स्थित नाले के बीच चट्टान में फंसे बच्चे को 10 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। (NDRF child rescue in rajnandgaon)

By: Dakshi Sahu

Published: 26 Aug 2020, 11:14 AM IST

राजनांदगांव/गंडई-पंडरिया. NDRF भिलाई की टीम ने ठंडार स्थित नाले के बीच चट्टान में फंसे बच्चे को 10 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चे को मंगलवार रात 1.10 बजे निकालकर स्वास्थ्य परीक्षण व प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को सौंपा गया। बच्चे को गोद में लेकर परिजन गदगद हो गए। शासन-प्रशासन व रेस्क्यू टीम का आभार जताया। 24 अगस्त को दोपहर 3 बजे से नाले के बीच स्थित चट्टान में 10 वर्षीय अनिल पारधी फंस गया था। वह मछली पकडऩे गया था, तभी वह फिसलकर नाले में फंस गया था।

मछली पकडऩे गए बच्चे का पैर उफनते नाले के चट्टान में फंसा, 10 घंटे बाद NDRF ने बहाव रोककर बचाई मासूम की जान

स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे निकालने के लिए लगातार मशक्कत करते रही। मामले की सूचना कलेक्टर को दी गई। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने रात्रि 11 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद रात लगभग 1 बजकर 10 मिनट में बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया। बच्चा कुछ समय बाद अपने पैरों पर चलने लगा, जिसे देखकर वहां उपस्थित ग्रामीण सहित बच्चे के परिजनों के चेहरे पर खुशी दौड़ आया था। वहीं बच्चे को सुरक्षित निकालने के बाद एनडीआरएफ की टीम ने भी राहत की सांस ली।

सोमवार को गंडई से महज 6 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत ठंडार के वार्ड क्रमांक 15 निवासी ठंडार के सरहद पर स्थित नदी पर नहाने गए 10 वर्षीय अनिल पारधी पिता लालजी पारधी का पैर अचानक नदी के अंदर स्थित पत्थर के बीच फंस गया था, अनिल पारधी ने अपने पैर निकालने का बहुत प्रयास किया पर उसका पैर फंसा रहा, खबर लगने के बाद ग्रामीण एवं परिजनों ने भी मशक्कत की, लेकिन बच्चे का पैर नहीं निकला। इस बीच प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंची हर सम्भव प्रयास किए पर कुछ न हुआ तो दुर्ग से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिन्होंने बच्चे को रात 1 बजकर 10 मिनट में सुरक्षित निकाला। बच्चे के निकलते ही भारत माता की जयकारे लगाए गए।

सभी का मिला सहयोग
रेस्क्यू के दौरान तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता, एसडीओपी राजेश जोशी, टीआई सुषमा सिंह, छुईखदान टीआई स्वास्थ्य विभाग गंडई से आरएमए प्रशांत सोनी सहित शासन-प्रशासन की टीम सरपंच और पंचायत बॉडी ग्रामीण एवं एनडीआरएफ की टीम ने सफल ऑपरेशन चलाया।

एनीकट के गेट को बंद कर बहाव को किया कम
बच्चे का पैर नाले के बीच बहाव में फंसा था, जहां पानी का बहाव तेज था। इस वजह से ग्रामीणों ने नर्मदा एनीकट के गेट में रेत और मिट्टी से भरी बोरिया रखकर बहाव को कम किया था। इधर एनडीआरफ की 30 सदस्यीय टीम 10.30 बजे से रेस्क्यू शुरू किए। जिस स्थान पर बच्चे का पैर फंसा था, उसके चारों ओर बंधान बनाकर पानी को 5 एचपी मोटर पम्प से निकाला गया। आटोमेटिक ड्रील मशीन से बच्चे के पैर के आसपास पत्थरों को तोड़ा गया। काफी मशक्कत के बाद रात को बच्चे का पैर बाहर आ गया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।

घर पहुंचकर कराया मुंह मीठा
इधर मंगलवार दोपहर 12 बजे बच्चे के निवास ठंडार पहुंचकर युवा कांग्रेस के जिलामहासचिव दिलीप ओगरे के नेतृत्व में उनके साथ रणजीत चंदेल मोहसीन खान तानसेन साहू बच्चे के घर पहुंचकर मुंह मीठा कराकर इलाज के लिए कुछ नगद राशि भी सहयोग के तौर पर उनके पिता लालजी पारधी को दिया। साथ ही उनके परिजन को आगे बच्चे पर ध्यान रखने की बात कही।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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