स्कूल शिक्षा विभाग का नया निर्देश, घर बैठे ऑनलाइन मटेरियल तैयार करेंगे शिक्षक ...

सक्रिय विषय विशेषज्ञों की पहचान की जाएगी

By: Nitin Dongre

Published: 03 Apr 2020, 03:50 PM IST

राजनांदगांव. कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद स्कूली बच्चों के लिए ऑनलाइन पाठों के अध्ययन जैसे विकल्पों की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में स्कूलों को लंबी अवधि तक बंद होने के कारण विभिन्न वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है, ताकि स्कूलों के संचालन नहीं होने की स्थिति में बच्चों के लिए ऑनलाइन पाठों के अध्ययन जैसे विकल्पों की तैयारी की जा सके। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में अपने जिले में तत्काल अनिवार्य कार्रवाईयां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी शिक्षकों को स्तरवार अलग-अलग टेलीग्राम गु्रप में पंजीयन करवाते हुए उन्हें अकादमिक चर्चाओं में सक्रिय रखे। शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए बच्चों की पढ़ाई में होने वाली नुकसान को कम से कम करने के लिए विभिन्न वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार कर इसे गु्रप में शेयर किया जा सकता है।

बहुत से शिक्षक जुड़े हुए हैं

जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रारंभिक स्तर पर शिक्षकों के टेलीग्राम में जिलेवार गु्रप बने हैं और इसमें बहुत से शिक्षक जुड़े हुए हैं। इन समूहों को तत्काल सक्रिय करते हुए शेष शिक्षकों को शामिल करवाते हुए गु्रप में शिक्षकों के क्षमता विकास पर चर्चाएं और गतिविधियों को आयोजन सुनिश्चित करें। सभी ग्रुप में जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारी भी शामिल होकर अकादमिक चर्चाओं को प्रोत्साहित करें।

सक्रिय विषय विशेषज्ञों की पहचान की जाएगी

विभिन्न स्तरों प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रत्येक विषय के लिए 10-10 सक्रिय विषय विशेषज्ञों की पहचान की जाएगी और उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी कि अपने विषय के लिए पाठवार वीडियों, सहायक सामग्री एवं असाइमेंट घर पर ही मोबाइल से वीडियो बनाकर तैयार करने में रूचि लेते हो। विषय से संबंधित विभिन्न कठिन अवधारणाओं को समझाने के लिए रोचक प्रविधियों की जानकारी एवं संकुल शिक्षण कौशल। बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण के साथ असाइमेंट देकर उनकी जांच के लिए तैयार होना। अपने नियमित अध्यापन के अलावा इन कार्यों के लिए अलग से उन्हें परिषद की ओर से मानदेय प्रस्तावित किया जाएगा।

क्षमता विकास के लिए प्रयास किया जाएगा

राज्य स्तर से हायर सेकेण्डरी स्तर पर विभिन्न विषयों में प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी का गठन कर अलग-अलग ग्रुप बनाकर विभिन्न विषयों के लिए ऑनलाइन सामग्री बनाकर क्षमता विकास के लिए प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी गु्रप को अकादमिक चर्चाओं में सहभागिता के लिए सक्रिय रहना होगा। सभी शिक्षकों, व्याख्याताओं को अपने-अपने विद्यार्थियों और उनके पालकों के मोबाइल नम्बर संधारित करना होगा। प्रारंभिक स्तर पर यदि यह जानकारी नहीं हो तो चावल वितरण के दौरान पावती लेते समय नम्बर लिया जा सकता है।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned