समय-बेसमय खोल रहे नल, टोंटीविहीन नलों से व्यर्थ बह रहा कीमती पेयजल

उसरीबोड़ में बनी टंकी से गांवों में दोपहर को नल खोल दिया जा रहा है। इस वजह से पानी व्यर्थ ही बह जा रहा है। नलों में टोंटियां भी नहीं लगाई गई है। इस वजह से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है।

 

राजनांदगांव. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग (पीएचई) द्वारा लाखों रुपए खर्च कर उसरीबोड़ में उच्च स्तरीय पानी टंकी बनाने के बाद भी आसपास के गांवों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई समय पर नहीं हो पा रही है। समय-बेसयम नल खुलने और नलों में टोंटी नहीं होने की वजह से पानी व्यर्थ ही बह जा रहा है। इस तरह बड़े प्रोजेक्ट का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गर्मी के दिनों इन गांवों में फिर पेयजल की संकट गहरा सकती है।


ज्ञात हो कि ग्रामीण क्षेत्र में पीने के लिए साफ पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से मोहारा समूह नल जल योजना के तहत उसरीबोड़ में करीब २१ लाख रुपए की लागत से उच्चस्तरीय पानी टंकी बनाई गई है। इसी टंकी से आसपास के २३ गांवों में शुद्ध पेयजल सप्लाई की की जानी है।

समूह नल-जल योजना का लाभ नहीं, गर्मी के मौसम में पानी के लिए मचता है हाहाकार

इन २३ गांवों में मुख्य पाइप लाइन व पानी देने के लिए पीवीसी पाइप भी बिछा दी गई है। इसके बाद भी ग्रामीणों को लाभ नहीं मिलने से यह योजना शो पीस बन गई है। यही हाल धीरी में बने इंटेकवेल का है। यहां से भी आसपास २३ गांवों को पेयजल सप्लाई करना है।

इन गांवों में की जानी है सप्लाई


शिवनाथ नदी के जल को शुद्धिकरण करने के लिए उसरीबोड़ में संयत्र लगाया गया है। यहां से गांवों में पानी सप्लाई किया जा रहा है। वह गांव इस प्रकार है- धामनसरा, ढोढिय़ा, भोथीपार खुर्द, उसरीबोड़, आलीखूंटा, रानीतरई, महाराजपुर, भोथीपार कला, सिंघोला, भंवरमरा, भोढिय़ा, भर्रेगांव, मोखला, कुसमी, पार्रीखुर्द, आरला, बुचीभरदा, कोटराभांठा, सुरगी, कुम्हालोरी, मुड़पार, मलपुरी और बेलटिकरी में देना है।

Govind Sahu Reporting
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