डीपीआई में प्रवेशित और शालात्यागी बच्चों की जानकारी नहीं ...

शिक्षा का अधिकार कानून का मामला

राजनांदगांव. लोक शिक्षण संचालानालय रायपुर के पास आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित और बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की जानकारी तक नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गरीबों के लिए सरकार कितनी चिंतित है। जबकि सरकार कागजों में बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला अच्छी शिक्षा दिलाने का ढिंढोरा पीट रही है।

शिक्षा का अधिकार कानून को प्रदेश की सरकार कितने गंभीरता से ले रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, क्योंकि सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार संचनालय के पास ऐसी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जिस विभाग के पास आरटीई के क्रियान्यवयन की जिम्मेदारी है, वही आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित और शालात्यागी बच्चों की जानकारी नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालानालय के द्वारा विधानसभा सत्र में जो आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों की जानकारी दी जा रही है, वह जानकारी कहां दिया जा रहा, उसके सोर्स क्या है और सत्यता कितनी है।

जानकारी छिपाई जा रही

लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चे और शालात्यागी बच्चों की जिलेवाईस और वर्षवार जानकारी संग्रहित किया जाना चाहिए, क्योंकि इन विभागों के द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों के करोड़ों रुपए की प्रतिपूर्ति राशि प्रतिवर्ष भुगतान किया जा रहा है। क्या इन जिम्मेदार अधिकारीयों के द्वारा बिना जानकारी लिए ही प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जा रहा है? या जानकारी छिपाई जा रही है?

संग्रहित किए बिना ही राशि का भुगतान किया जाना भी कानून का उल्लघंन

जानकारी छिपाया जाना भी कानून का उल्लघंन है और जानकारी संग्रहित किए बिना ही राशि का भुगतान किया जाना भी कानून का उल्लघंन है। एक बात तो तय है कि आरटीई कानून का प्रदेश में बुरा हाल है, जिसका सीधा लाभ प्राइवेट विद्यालयों को मिल रहा है, क्योंकि प्रतिवर्ष कम सीटो में भर्ती किया जा रहा है।

निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

छग पैरेंट्स एसोसियेशन के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कहा कि आरटीई कानून के अंतर्गत प्रवेशित बच्चे और शालात्यागी बच्चों की जानकारी डीपीआई से नहीं दी रही है। विभाग द्वारा जानकारी संग्रहित नहीं होने की बात कही जा रही है। तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned