अब लकड़ी से नहीं खेलना पड़ेगा बच्चों को हॉकी, स्टिक मिलने पर गरीब बच्चों के चेहरे में आई खुशी ...

पूर्व राष्ट्रीय खिलाडिय़ों ने निर्धन बच्चों को बांटे किट

By: Nitin Dongre

Published: 19 Mar 2020, 09:37 AM IST

राजनांदगांव. हॉकी की नर्सरी में हॉकी को लेकर जुनून रखने वाले बच्चों को अब अभाव के बीच नहीं रहना पड़ेगा। पेड़ की डंगाल और सामान्य लकड़ी से हॉकी खेलने वाले बच्चों के हाथों में अब हॉकी स्टिक आ गई है। पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी मनीष गौतम और अन्य हॉकी प्रेमियों ने मिलकर अपने खर्च पर शहर के 15 बच्चों को हॉकी स्टिक और गेंद दी है। अब ये बच्चे अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के टर्फ में अभ्यास कर सकते हैं।

पूर्व खिलाड़ी गौतम ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के आसपास की बस्तियों में रहने वाले कुछ गरीब बच्चे नियमित तौर पर मैदान पहुंचते हैं लेकिन उनके पास हॉकी स्टिक नहीं होने के चलते वे मैदान में प्रैक्टिस नहीं कर पाते। गौतम ने बताया कि उन्होंने देखा कि ऐसे बहुत सारे बच्चे स्टेडियम परिसर में बाहर ही लकड़ी की सहायता से हॉकी खेलने का अभ्यास करते रहते हैं। इन बच्चों में हॉकी को लेकर लगन तो है लेकिन संसाधन नहीं होने के चलते ये बच्चे हॉकी मैदान में नहीं पहुंच पाते।

की गई मदद

पूर्व हॉकी खिलाड़ी गौतम की पहल पर पूर्व हॉकी खिलाड़ी अनिल यादव, हरीश पदम, अशोक नागवंशी, किशोर धीवर और दिलीप ने इन बच्चों की लगन को देखते हुए उन्हें अपने खर्च पर हॉकी स्टिक और गेंद देकर प्रोत्साहित किया। गौतम ने बताया कि अब ये बच्चे टर्फ मैदान में प्रैक्टिस कर अपने हुनर को और निखार सकते हैं।

चेहरे में दिखी खुशी

हॉकी स्टिक और गेंद पाकर स्टेडियम के आसपास रहने वाले निर्धन बच्चों के चेहरे में खुशी देखने लायक थी। हॉकी और गेंद पाकर उत्साहित बच्चों ने कहा कि अब टर्फ मैदान पर खेल का अभ्यास करने का उनका सपना पूरा होगा।

कोचिंग भी देंगे

पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी गौतम ने बताया कि हॉकी को लेकर दिलचस्पी रखने वाले बच्चों को हॉकी खिलाडिय़ों ने सिर्फ हॉकी और गेंद ही नहीं दिया है बल्कि इन बच्चों को समय-समय पर हॉकी की बारीकियों की जानकारी देकर उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

Nitin Dongre Desk
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