कोरोना वायरस को मात देने 31 मई को देशभर के 15 करोड़ श्रद्धालु एक साथ देंगे आहुतियां

छत्तीसगढ़ के 3 लाख घरों में रखा गया है यज्ञ का लक्ष्य

By: Nakul Sinha

Published: 30 May 2020, 06:05 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगांव. वैश्विक स्तर पर छाए हुए कोरोना वायरस की महामारी के निवारण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं अनेकानेक वैज्ञानिक भी यज्ञ की महिमा को जानकर प्रेरित और संकल्पित हो रहे हंै। वर्ष 2017 से माताजी के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 तक का समय अखिल विश्व गायत्री परिवार गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ उपासना वर्ष के रुप में मना रहा है। इसी कड़ी में सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय के संकल्प के साथ कोरोना से मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन, वातावरण परिशोधन, समर्थ राष्ट्र निर्माण, वैचारिक उत्कृष्टता, समाज में छाई हुई विकृतियों को नष्ट करने तथा सतप्रवृत्तियों के संवर्धन के लिए सामूहिक स्तर पर पूरे विश्व में आध्यात्मिक प्रयोग किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 31 मई को किया जाएगा।

भारत सहित कई देशों के साथ करेंगे यज्ञ
गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पंडया के मार्गदर्शन में उक्त यज्ञ आयोजन भारत के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा, साउथ एशिया सहित अनेक देशों में विश्व भर के करोड़ों साधक आयुर्वेदिक औषधियुक्त हवन सामग्री के साथ गायत्री, महामृत्यंजय एवं सूर्य (आदित्य) मंत्रों का उच्चारण कर यज्ञ में आहूती अर्पित करेंगे। गायत्री परिवार डोंगरगांव के अध्यक्ष बालकृष्ण सिन्हा ने बताया कि गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ-उपासना का मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण है। वेद, पुराण और आयुर्वेदिक ग्रंथों में स्वास्थ्य रक्षा के लिए अनेक मंत्रों व उपायों का उल्लेख है। वैदिक काल से ये मंत्र, यज्ञ और उपाय आज भी अचूक है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन किया जा रहा है।

यज्ञ से दैवतीय वातावरण और वायुमंडल बनेगा
उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में एक दिन, एक साथ यज्ञ करने पर प्रयुक्त हवन सामग्री से जो दैवीय वातावरण और वायुमंडल बनेगा, वह पूरे ब्रम्हांड में समाहित होकर संपूर्ण वातावरण को शुद्ध करेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार 1 जून को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा है, उससे एक दिन पूर्व यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने जिले सहित क्षेत्र के समस्त परिजनों तथा आमजनों से निवेदन किया है कि सभी सुबह 9 बजे से 12 बजे तक तथा सायं 5 से 7 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने घरों में एक कुण्डीय संक्षिप्त गायत्री महायज्ञ करें तथा यदि संभव हो तो आसपास के एक-दो घरों में यज्ञ संपन्न करावें।

Nakul Sinha
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