लैंगिक अपराध में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पैरेंटस एसोएिशन ने डीजीपी को लिखा पत्र ...

सरकारी स्कूलों में बढ़ रही लैंगिग अपराध की घटना, पालकों में चिंता

By: Nitin Dongre

Published: 01 Mar 2020, 08:58 AM IST

राजनांदगांव. सरकारी स्कूलों में शिक्षकों द्वारा नाबालिग छात्राओं के साथ लैंगिक अपराध की घटना ने संस्कारधानी के लिए कंलकित करने वाली घटना है। इस तरह की घटना पिछले साल भी बहुतायत में देखी गई थी, तो क्या हमारी बेटियां स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं है। सरकारी स्कूलों में नाबालिग छात्राओं के साथ लैंगिक अपराध की घटना बढ़ते जा रही है। इससे पालक चिंतित हैं। ऐसे गंभीर और संवेदनशील मामलों को अधिकारियों द्वारा दबाने का प्रयास किया जाता है। यह भी चिंता का विषय है।

जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से विवेचना करने में उदासीनता और लापरवाही बरती जा रही है। इस कारण से अपराधिक प्रवृत्ति के शिक्षक बच जा रहे हैं। जबकि ऐसे शिक्षकों को जांच के बाद कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए। ताकि स्कूलों में हो रहे ऐसे कृत्यों पर रोक लगे। ज्ञात हो कि इस तरह की कई छेड़छाड़ की घटनाएं स्कूलों में ही दब जाती है। जब बच्चे अपने पालकों से शिकायत करते हैं, तो उनके द्वारा पूछताछ या शिकायत करने पर उन पर दबाव भी बनाया जाता है। पीडि़त परिवारों को शिकायत वापस लेने के लिए धमकाने की भी घटना आती है। इस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने ऐसे मामले को लेकर डीपीजी को पत्र लिखकर छोटे-छोटे नाबालिग छात्राओं के साथ लैंगिक अपराध में लिप्त आरोपियों के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं ऐसे संवेदनशील मामलों लापरवाही बरतने वाले शिक्षा विभाग के अफसरों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस समझा रही गुड-टच, बैड-टच

इधर पुलिस प्रशासन लगातार स्कूलों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को गुड टच, बैड टच की जानकारी देकर उनमें अवरनेस लाने का दावा कर रहा। स्कूलों में पाक्सो बाक्स लगाया गया। विद्यार्थियों का भविष्य गढऩे वाले शिक्षक ही उन्हें अपनी हवश का शिकार बना रहे हैं। इस तरह के घटनाक्रम से पूरा शिक्षा जगत कंलकित हो गया।

Nitin Dongre Desk
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