सार्वजनिक सेनिटाइजर टनल का फ्लैक्स फटा, अज्ञात के लिखाफ थाने में मामला दर्ज ...

आंबेडकर चौक में एक दिन पहले लगे सेनिटाइजर टनल को क्षति पहुंचाने का प्रयास

By: Nitin Dongre

Published: 18 Apr 2020, 04:41 PM IST

राजनांदगांव. दिग्विजय स्टेडियम के पास आंबेडकर चौक में पार्षद निधि से खर्च कर एक दिन पहले लगाए सार्वजनिक सेनिटाइजर टनल को कथित शरारती तत्वों द्वारा क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया है। टनल के फ्रेम में लगे मुख्यमंत्री सहित अन्य कांग्रेसियों की तस्वीर वाले फ्लैक्स को फाडऩे की शिकायत सामने आई है। मामले में वार्ड 23 की पार्षद सुनीता अशोक फड़णवीस ने थाने में शिकायत की है, लेकिन लॉकडाउन की स्थिति और चौक में सीसीटीवी कैमरे व पुलिस की तैनाती के बीच इस घटना को अंजाम किसने दिया, ये बड़ा सवाल है। ज्ञात हो कि इस टनल को एक दिन पहले ही लोगों को के लिए उद्घाटित किया गया था।

वार्ड 23 की पार्षद सुनीता अशोक फड़णवीस ने अपने वार्ड में सैनिटाइजिंग टनल लगवाया है। इसका उद्घाटन १६ अपै्रल को सुबह ११ बजे महापौर हेमा देशमुख द्वारा किया किया गया था। इसकी लागत 30 हजार बताई गई है, लेकिन इसमें लोहे का फ्रेम, 5 लीटर की सिन्टैक्स टंकी, एक टूल्लू पंप के अलावा एक सेंसर लगा है। इसमें ३० हजार की लागत लोगों के गले नहीं उतर रहा।

पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति

सार्वजनिक जगह पर इस तरह के टनल लगने से भीड़ होने की भी संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने उक्त चौक पर टनल लगाने की अनुमति नहीं दी है। कुछ लोगों ने पार्षदों द्वारा इस तरह के खर्च को फिजूल बताते हुए लोगों के खाने-पीने की चिंता करने की सलाह दी है। इससे पहले पार्षदों द्वारा अपने निधि से सेनिटाइजर व मास्क खरीदी भी खटाई में पड़ चुकी है।

शहर में एक ग्रुप ने इसे 12 हजार के खर्च पर बनाया

शहर में एक ग्रुप ने इसी प्रकार के टनल को १२ हजार रुपए की लागत पर तैयार किया है। उसकी लंबाई-चौड़ाई थोड़ी छोटी जरूर है, लेेकिन उससे भी पूरी बॉडी सेनिटाइज्ड हो रहा है। चिखली के एक ग्रुप द्वारा बनाए इस उपकरण को मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित कुछ अन्य जगहों पर लगाया गया है।

डब्ल्यूएचओ की आपत्ति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार इस तरह का टनल कारगर नहीं है। इसी तरह के मामले में डब्ल्यूएचओ की आपत्ति के बाद हरियाणा सरकार ने आम नागरिकों को सेनेटाइज करने वाली टनल लगाने का फैसला वापस ले लिया है। हरियाणा सचिवालय में लगाई गई टनल को हटाया गया है। ऐसे में सार्वजनिक जगहों में इस तरह टनल लगाना गलत है।

टनल अनुमति के बाद ही लगाया गया

पूर्व पार्षद अशोक फडऩवीश ने कहा कि शरारती तत्वों द्वारा फ्रेम में फ्लैक्स को फाड़ दिया गया है। अज्ञात के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया है। टनल अनुमति के बाद ही लगाया गया है। अवैंधानिक नहीं है। लोगों के लिए फिर से चालू करा दी गई है। सीसीटीवी कैमरे से शरारती तत्व पकड़ में आ जाएंगे।

परेशानी बढऩे की आशंका

डीएसपी यातायात गजेंद्र सिंह ने कहा कि आंबेडकर चौक में सेनिटाइजर टनल लगाने की अनुमति यातायात विभाग से नहीं दी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह का टनल से परेशानी बढऩे की आशंका है।

Nitin Dongre Desk
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