scriptRajnandgaon Corporation did not retire the employee | हद है, अपने ही कर्मचारी को रिटायर करना भूल गया निगम, छह माह अतिरिक्त काम भी कराया और वेतन भी देते रहे | Patrika News

हद है, अपने ही कर्मचारी को रिटायर करना भूल गया निगम, छह माह अतिरिक्त काम भी कराया और वेतन भी देते रहे

निगम कर्मी सेवानिवृत्त अवधि से अधिक छह माह तक काम करता रहा और अपनी सेवाओं के एवज में वेतन भी लेता रहा।

राजनंदगांव

Published: July 18, 2021 01:17:21 pm

राजनांदगांव. नगर निगम एक तरफ अपने कर्मचारियों को समय पर पगार नहीं दे पा रहा है और दूसरी तरफ उसकी लापरवाही से एक कर्मचारी रिटायर होने के बाद भी काम करता रहा और छह महीने से पगार लेता रहा। अब निगम के अफसर मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं। राजनांदगांव नगर निगम इस समय खस्ताहाल माली हालत से जूझ रहा है और यहां के अफसरों की एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक कर्मचारी को निगम रिटायर करना ही भूल गया। लिहाजा निगम कर्मी सेवानिवृत्त अवधि से अधिक छह माह तक काम करता रहा और अपनी सेवाओं के एवज में वेतन भी लेता रहा।
हद है, अपने ही कर्मचारी को रिटायर करना भूल गया निगम, छह माह अतिरिक्त काम भी कराया और वेतन भी देते रहे
हद है, अपने ही कर्मचारी को रिटायर करना भूल गया निगम, छह माह अतिरिक्त काम भी कराया और वेतन भी देते रहे
सफाई विभाग का है कर्मचारी
जानकारी के अनुसार निगम का खेमलाल साहू नामक कर्मी सफाई विभाग में वार्ड नं. 28 में प्रभारी के तौर पर कार्यरत था। लंबी सेवाएं देने के बाद प्रभारी को जनवरी 2021 में रिटायर होना था लेकिन स्थापना में पदस्थ लिपिकों ने उसकी सर्विस बुक की जांच नही की न ही उसने इस संबंध में निगम को कोई जानकारी दी। इसके चलते वह 15 जुलाई 2021 तक कार्य करता रहा। आयुक्त नगर निगम राजनांदगांव डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
ऐसे खुला मामला
इस बात का खुलासा तब हुआ जब निगम के स्थापना विभाग ने कर्मचारियोंं की सर्विस बुक को चेक किया। अब स्थापना के कार्यरत लिपिक एक-दूसरे पर गलती करने का आरोप लगाकर पूरे मामले से पल्ला झाडऩे की कोशिश कर रहे हैं।
इनकी है बड़ी गलती
बताया जाता है कि स्थापना में पदस्थ लिपिक राहुल सिंह और पंकज मेश्राम ने सर्विस बुक की रिटायरमेंट की अवधि को लेकर वेतन जारी करने वाले संबधित अधिकारी को जानकारी नहीं दी। अब दोनों मामले को एक दूसरे पर टाल रहे हैं।
हैरत में अफसर
दो दिन पहले ही लिपिकों ने सर्विस बुक देखने के बाद कर्मचारी को सेवानिवृत्त होने को आदेश दिया। इस बीच निगम प्रशासन के समक्ष जब यह मामला सामने आया तो अफसर हैरत में पड़ गए। बताया जाता है कि निगम आयुक्त आशुतोष चर्तुर्वेदी भी लिपिकों को इसके लिए सीधे जिम्मेदार मान रहे हैं।
कर्मी ने झाड़ा पल्ला
खेमलाल साहू को स्थापना के लिपिकों ने बुलाकर वेतन वापस करने कहा है। जानकारी के अनुसार कर्मचारी ने इस मामले में सख्त आपत्ति करते वेतन लौटाने में असमर्थता जाहिर की है। इस बीच निगम की प्रशासनिक चूक से कर्मचारी को छह माह तक कार्य करना पड़ा। इधर लिपिकों पर जवाबदेही तय कर स्पष्टीकरण मांगने आयुक्त ने निर्देश दिए हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Video Weather News: कल से प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, होगी बारिशVIDEO: राजस्थान में 24 घंटे के भीतर बारिश का दौर शुरू, शनिवार को 16 जिलों में बारिश, 5 में ओलावृष्टिदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगश्री गणेश से जुड़ा उपाय : जो बनाता है धन लाभ का योग! बस ये एक कार्य करेगा आपकी रुकावटें दूर और दिलाएगा सफलता!पाकिस्तान से राजस्थान में हो रहा गंदा धंधाइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजहार्दिक पांड्या ने चुनी ऑलटाइम IPL XI, रोहित शर्मा की जगह इसे बनाया कप्तानName Astrology: अपने लव पार्टनर के लिए बेहद लकी मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.