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पार्षदों ने रोपवे में हो रही अवैध वसूली को लेकर मोर्चा खोला

By: Dakshi Sahu

Published: 10 Apr 2019, 02:03 PM IST

डोंगरगढ़. स्थानीय नगर पालिका परिषद में चुने हुए पार्षदो रोपवे शुल्क में गुपचुप तरीके से की गई वृद्धि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चैत्र नवरात्रि पर्व में सामान्य दर्शनार्थियों से लिए जाने वाले शुल्क में दोगुनी से अधिक वृद्धि गुपचुप तरीके से कर दी गई। इसके खिलाफ वार्ड 13 के पार्षद अमित छाबड़ा के नेतृत्व में आज पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिसमें पार्षद सत्यप्रकाश मिश्रा, चमन मधुमटके, देवेंद्र साखरे, सुरेखा किशोर साखरे, अनिता लोकेश ईदुरकर सहित अन्य पार्षदों ने अनुविभागीय अधिकारी पीपी शर्मा के कार्यालय में पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराते ज्ञापन सौंपा।

50 से बढ़ाकर 145 रुपए कर दिया रोपवे शुल्क
ज्ञापन में पार्षदों ने सामान्य दिनों में आने-जाने के 50 रूपये प्रति व्यक्ति के किराये को तीन गुणा बढ़ाकर 145 रूपये किए जाने का भरपूर विरोध किया। उन्होंने कहा कि परिषद ने 145 रूपये का शुल्क का प्रस्ताव पिछले 15 वर्षो में कभी नही किया। यह सरासर दर्शनार्थियों से लूट की जा रही है जहां प्रशासन स्वयंसेवी संस्थाएं व मंदिर ट्रस्ट मेले में आने वाले दर्शनार्थियों को हर संभव सुविधा देने का प्रयास कर रही है फिर गुपचुप तरीके से दर्शनार्थियों को लुटनेे का प्रस्ताव करना सर्वथा गलत है।

शुल्क में मनमानी की हुई शिकायत, पार्षदों ने खोला मोर्चा
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान आने जाने का शुल्क 50 के स्थान पर 90 रूपये निर्धारित है। वीआईपी लोगों को मुक्त में भेजने के नाम पर इस तरह तीन गुना वृिद्ध किया जाना सर्वथा अनुचित है। दर्शनार्थियों से 90 रूपये की राशि भी अधिक है किन्तु वर्तमान में प्रशासन ने गुपचुप तरीके से 145 रूपये का शुल्क जाने आने के लिए निर्धारित किया है।

रोपवे प्रबंधन दर्शनार्थियों से 120 रूपये जाने का व 60 आने का वसूल कर रहा है यानी दर्शनाथियों को 50 की जगह 180 रूपये देने पड़ रहे है। लगभग चार गुना अधिक राशि सरासर लूट है साथ ही जनता द्वारा चुने गए पार्षदों के अधिकारों का हनन एवं परिषद के नियमों का सरासर उल्लंघन है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि शुल्क वृद्धि कम नही की गई तो वे रोपवे के सामने धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

इस मामले पर एसडीएम पीपी शर्मा ने कहा कि मुझे पालिका अधिकारी व रोपवे प्रबंधन ने शुल्क के रूप में जो जानकारी दी है उसी के अनुसार हमने अधिक शुल्क लेने के आदेश दिए है। पुन: निर्णय करने पार्षदों की बैठक आज ही ली जाएगी। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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