श्रीकृष्ण की लीलाएं देख मोहित हुई संस्कारधानी, झांकियों में झलकी भारतीय परंपरा

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 के आस-पास विसर्जन झांकियां निकाली गई।

राजनांदगांव. मंगलवार रात को मौसम साफ रहने से विसर्जन झांकियां देखने भारी भीड़ उमड़ी। शाम होते ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ शहर में उमडऩे लगी थी। झांकी देखने दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण रात को दुकानों के सामने प्लेटफार्म पर डेरा जमा हुए थे। फिर रात करीब 8 बजे डीजे की धुन पर निकली झांकियों की जगमग रोशनी से पूरा शहर चमक उठा।

धार्मिक आस्था व पौराणिक कथाओ पर अधारित झांकियां

तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की मुस्तैदी के बीच देर रात के बाद झांकियां विसर्जन रूट पर आने लगी और सुबह तक विसर्जन का दौर चलता रहा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 के आस-पास विसर्जन झांकियां निकाली गई। अधिकांश समितियों द्वारा धार्मिक आस्था व पौराणिक कथाओ पर अधारित झांकियां निकाली गई। शुरुआत में थोड़ी दिक्कतों के बाद विसर्जन झांकियों को प्रशासन द्वारा पहले से तय रूट पर रवाना किया गया। साउंड सिस्टमों का शोर वैसा ही रहा जैसा कि हर साल हुआ करता है।

श्रीकृष्ण की लीलाओं ने मोहा मन
ज्यादातर झांकियों में धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं की झलक देखने को मिली। जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन, पुष्पक विमान से राम-सीता की अयोध्या वापसी, भगवान कृष्ण द्वारा नरकासूर का वध, महाकाल की भस्म आरती,कृष्ण लीला पर आधारित झांकी सहित ब्रम्हा, विष्णु, महेश की जीवनी पर आधारित झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

शिवनाथ नदी में तकड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बुधवार सुबह भी गणेश विसर्जन का दौर जारी है। शहर की सभी प्रतिमाओं का विसर्जन मोहारा स्थित शिवनाथ नदी में किया जा रहा है। भक्त डीजे व धूमाल की ताल में थिरकते हुए भगवान गणेश जी के प्रतिमा को विजर्जन के लिए ले जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा नदी के आस-पास व विसर्जन की जगह पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। देर शाम तक गणेश प्रतिमाओं को विर्सजन जारी रहेगा। इस दृष्टि से सुरक्षा के सारे इंतजाम प्रशासन ने किए हैं।

 

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Dakshi Sahu
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