Breaking : संजीवनी खड़ी रही, होता रहा इंतजार, डॉक्टरों की लापरवाही से गर्भवती और पेट में पल रहे बच्चे की मौत

Dakshi Sahu

Publish: Nov, 15 2017 11:44:41 (IST)

District Hospital Rajndgn, Rajnandgaon, Chhattisgarh, India
Breaking : संजीवनी खड़ी रही, होता रहा इंतजार, डॉक्टरों की लापरवाही से गर्भवती और पेट में पल रहे बच्चे की मौत

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक एक गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे की जान ले ली। मामला छुरिया के सरकारी अस्पताल का है।

राजनांदगांव. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक एक गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे की जान ले ली। मामला छुरिया के सरकारी अस्पताल का है। प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को उसके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन वहां से राजनांदगांव रेफर करने के लिए स्थानीय चिकित्सकों ने लंबा इंतजार किया और जब हालत बिगड़ गई, तब रेफर हो पाया। लिहाजा रास्ते में ही गर्भवती ने दम तोड़ दिया। यहां मेडिकल कॉलेज लाए जाने पर डाक्टरों ने उसे और पेट में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

छुरिया क्षेत्र के घोरतलाव की राखी बोरकर को मंगलवार सुबह छुरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया था। राखी के बड़े पिता ईश्वरलाल लाड़े और पति नीतिन बोरकर ने बताया कि सुबह करीब दस बजे उसे महतारी एक्सप्रेस से अस्पताल लाया गया था। उस वक्त उसकी स्थिति ठीक थी। वह पूरी तरह तंदरूस्त थी। चिकित्सकों ने शुरू में तो उसका प्रसव कराने इंतजार कराया लेकिन फिर दोपहर बाद कह दिया गया कि राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर करना पड़़ेगा। रेफर करने में भी लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया।

गाड़ी के लिए इंतजार भारी पड़ा
परिजनों के अनुसार अस्पताल में उस वक्त संजीवनी एक्सप्रेस 108 खड़ी थी, जिसमें रेफर करने के लिए वे अस्पताल प्रशासन से निवेदन करते रहे लेकिन डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को लाने- ले जाने के लिए महतारी एक्सप्रेस की सुविधा होने का हवाला देते हुए उसमें नहीं भेजा और महतारी एक्सप्रेस के लिए घंटों इंतजार कराया। करीब साढ़े पांच बजे के आसपास महतारी पहुंची, तब तक राखी की स्थिति बिगड़ चुकी थी। आखिरकार उसमें राजनांदगांव रेफर किया गया। यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाए जाने पर डाक्टरों ने गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

सीएम के क्षेत्र में लापरवाही ने ली जान: विधायक
खुज्जी के कांगे्रस विधायक भोलाराम साहू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल हंै और सरकारी तंत्र की लापरवाही ने एक गर्भवती और उसके पेट में पल रहे बच्चे की जान ले ली है। उन्होंने कहा कि छुरिया से यदि समय रहते संजीवनी एक्सप्रेस से गर्भवती को अस्पताल ले जाया गया होता तो उसका सुरक्षित प्रसव हो जाता और जच्चा, बच्चा दोनों ठीक रहते। उन्होंने कहा कि मंगलवार की शाम उनकी जानकारी में मामला आने के बाद उन्होंने प्रशासनिक अफसरों से बात की थी लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

 

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मृतका परिवार में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी थी
सरकारी तंत्र की लापरवाही का शिकार हुई मृतका राखी बोरकर (पहले लाड़े) अपने परिवार में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी थी। वह छुरिया क्षेत्र के घोरतलाव की रहने वाली थी जबकि उसकी शादी माओवाद प्रभावित औंधी क्षेत्र के साल्हेभट्टी निवासी नीतिन बोरकर से हुई थी।

राखी ग्राम पंचायत साल्हेभट्टी में रोजगार सहायक के पद पर काम करती थी। इससे पहले उसका एक 4 साल का बेटा प्रत्युश भी है। पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रहने के कारण वह अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत भी थी और उसने करीब दस दिन पहले राजनांदगांव में अपनी सोनोग्राफी भी कराई थी, जिसमें पेट में पल रहे बच्चे को स्वस्थ्य बताया गया था।

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