समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से मासूम की मौत, बिलखते रहे परिजन

रायपुर में आक्सीजन की कमी से मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ और वंनांचल के एक हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन की कमी के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया।

By: Dakshi Sahu

Published: 11 Sep 2017, 11:20 AM IST

राजनांदगांव/अंबागढ़ चौकी. छत्तीसगढ़ राज्य में रायपुर में ऑक्सीजन की कमी से मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ और वंनांचल के एक हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन की कमी के कारण दो माह के मासूम ने दम तोड़ दिया। अंबागढ़ चौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार रात को ठेठवार लंझिया निवासी हेमंत सलामे ने अपने दो माह के मासूम को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया था।

ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया

बताया जाता है कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने यह आरोप लगाया है। वहीं मृत बालक के माता-पिता दूसरी बार स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और बदइंतजामी का शिकार हुए हैं। दो साल पहले भी एक मासूम को हेमंत ने इसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जिसे ऑक्सीजन की सुविधा नहीं होने के कारण रेफर कर दिया गया था। रास्ते में बालक की मौत हो गई थी। शुक्रवार को इस दंपती ने एक और बालक को खो दिया।

14 जुलाई को थोहाडबरी के उप स्वास्थ केंद्र में पुत्र हुआ

ठेठवार लंझिया निवासी हेमंत सलामे की पत्नी को 14 जुलाई को थोहाडबरी के उप स्वास्थ केंद्र में पुत्र हुआ था जो कि स्वस्थ था, लेकिन इस दो माह के बच्चे का स्वास्थ्य अचानक शुक्रवार रात को बिगडऩे लगा। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसे तुरंत पिता के द्वारा मोटर साइकिल से अंबागढ़ चौकी हॉस्पिटल में 8.30 समय लाया गया। परिजनों ने डॉक्टर का इंतजार किया। डॉक्टर हॉस्पिटल पंहुचे और देखने के बाद तुरंत रेफर की पर्ची थमा दी।

नहीं हुई एम्बुलेंस की व्यवस्था
संजीवनी १०८ एम्बुलेंस, जीवन दीप समिति और हॉस्पिटल का एम्बुलेंस। इन चारों एम्बुलेंस के होते हुए भी बच्चे के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई जब बच्चे की मौत हो गई तब एम्बुलेंस की व्यवस्था हो पाई।

वाहन के लिए भटकते रहे
हॉस्पिटल प्रबंधक के द्वारा सरकारी एम्बुलेंस की व्यवस्था नही कराई गई, जिसके चलते परिजन गाड़ी की व्यवस्था के लिए इधर, उधर भटकते रहे पर जब बच्चे की हालत और बिगडऩे लगी तब जाकर डॉक्टर के द्वारा उसे ऑक्सीजन लगाने वार्ड में ले जाया गया। उसी वक्त अचानक बिजली चली गई और ऑक्सीजन न मिल पाने से बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यहाँ पर सोलर सिस्टम लगा हुआ है। जनरेटर भी है फिर भी पूरा हॉस्पिटल उस दिन घंटों अँधेरे के साए में रहा। बीएमओ आरआर ध्रुवे से पूछा गया तो सोलर सिस्टम और जनरेटर में खराबी बताई गई, जिसे अभी तक सुधारा नहीं जा सका है।

 

दो साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना
मृत बालक के पिता ने बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते दूसरी बार पुत्र खोये हैं। बताया कि दो साल पहले भी एक बच्चे को भर्ती कराए थे जिसे भी ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी। *****्पताल प्रबंधन उस वक्त भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाए। बच्चे को जिला *****्पताल रेफर कर दिया गया और रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। इस बार भी ऑक्सीजन न मिल पाने से अपने बच्चे को खो दिया। कहा कि सरकार को व्यवस्था सुधारनी चाहिए।

गंभीर अवस्था में लाए थे
सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि परिजन बच्चे को गंभीर अवस्था में लाए थे। इलाज किया गया है पर इसी बीच बच्चे ने दम तोड़ दिया। *****्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था है। जनरेटर को सुधार लिया गया है।

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