Big Breaking: तड़पती रहीं गर्भवती महिलाएं रातभर, नहीं आया कोई डॉक्टर, दुनिया देखने से पहले तीन शिशुओं की गर्भ में मौत, Video

जिले के तीन अलग-अलग जगहों से प्रसव पीड़ा के बाद डिलीवरी कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची महिलाओं के गर्भ में ही बच्चों की मौत हो गई है।

By: Dakshi Sahu

Published: 10 Jan 2019, 04:23 PM IST

राजनांदगांव. जिले के तीन अलग-अलग जगहों से प्रसव पीड़ा के बाद डिलीवरी कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची महिलाओं के गर्भ में ही बच्चों की मौत हो गई है। परिजनों ने इस मामले में डॉक्टरों व ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा अस्तताल में जमकर हंगामा भी किया गया। हंगामा की जानकारी मिलते ही एसडीएम व अपर कलक्टर अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

अंबागढ़ चौकी के सोनसायटोला निवासी रामेश्वरी गंधर्व एवं खैरागढ़ ब्लाक के परसाही निवासी नंदनी साहू पति झबलाल और डोंगरगांव के ब्रम्हणभेड़ी निवासी सुलोचना पति हिमापाल उइके को प्रसव पीड़ा के बाद उसके परिजन मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी कराने पहुंचे थे। तीनों महिलाओं के गर्भ में ही बच्चे मृत अवस्था में थे।

रात में किया था भर्ती, नहीं आई डॉक्टर
खैरागढ़ ब्लाक के परसाही निवासी नंदनी साहू को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार रात 10 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की सास गणेशी बाई ने बताया कि रात में भर्ती करने के बाद सुबह तक डॉक्टर इलाज के लिए नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि रात भर उसकी बहू नंदनी दर्द में तड़पती रही।

ड्यूटी में तैनात आया व नर्स ग्लूकोश का बाटल चढ़ाते रहे। गणेशी ने बताया कि रात भर तड़पने के बाद उसकी बहू नंदनी के पेट सुबह बच्चे की हलचल नहीं हुई। फिर सोनाग्राफी कराया गया। सोनाग्राफी में बच्चे के मृत होने की जानकारी दी गई। महिला के परिजनों ने डॉक्टर के नहीं आने की वजह से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि रात में डॉ. नेहा ठाकुर की ड्यूटी लगी थी।

सुबह पहुंची दो महिलाओं के बच्चे भी मृत
सोनसायटोला निवासी रामेश्वरी गंधर्व को गुरुवार की सुबह प्रसाव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। गर्भ में हलचल नहीं होने पर महिला का सोनाग्राफी कराया गया। इस दौरान बच्चे के मृत अवस्था में होने की जानकारी दी गई। महिला के परिजनों ने बताया कि रामेश्वरी को जब अस्पताल पहुंचाया गया उस समय तक बच्चा पेट में हलचल कर रहा था। काफी देर बाद रामेश्वरी को इंजेक्शन देकर बच्चे को बाहर निकाला गया।

घंटों तड़पती रही सुलोचना
डोंगरगांव ब्लाक के ब्राण्हणभेड़ी निवासी महिला सुलोचना को बुधवार रात को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। रात में गर्भ में बच्चे का किसी तरह हलचल नहीं होने पर सुबह महिला का सोनाग्राफी कराया गया। इस दौरान इसके भी बच्चे को मृत अवस्था में होने की जानकारी दी गई।

सुबह सोनाग्राफी होने के बाद भी दोपहर ढाई बजे तक सुलोचना के बच्चे को बाहर निकालने किसी तरह का कोई उपाय नहीं किया गया था। महिला दर्द में तड़पते रही। महिला को परिजनों ने स्टॉफ वालों पर रुपए मांगने के भी आरोप लगाए।

्अपर कलेक्टर एके बाजपेयी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई महिलाओं के गर्भ में ही बच्चों की मौत की जानकारी मिली। अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ में बच्चों के पहले ही मृत होने की जानकारी दी है। मामले की जांच की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।

मृत पाया गया बच्चा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक प्रदीप बेक ने बताया कि डिलीवरी के लिए आई दो महिलाओं के बच्चे मृत अवस्था में थे। एक महिला के बच्चे की हालत नाजुक थी। ड्यूटी डॉक्टर छुट्टी में थी। ड्यूटी में तैनात स्टॉफ ने महिला व परिजनों को इसकी जानकारी दे दी थी। सुबह सोनोग्राफी कराने पर बच्चा मृत पाया गया।

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