राजस्व वसूली में यहां बड़ी गड़बड़ी, जांच के लिए नगरी निकाय विभाग को लिखा पत्र

नगर निगम में राजस्व वसूली व दुकानों का किराया सहित अन्य टैक्स काफी सालों से फिसड्डी है।

By: Dakshi Sahu

Published: 30 Dec 2018, 12:31 PM IST

राजनांदगांव. नगर निगम में राजस्व वसूली व दुकानों का किराया सहित अन्य टैक्स काफी सालों से फिसड्डी है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा लक्ष्य के हिसाब से वसूली नहीं की जा रही है और न ही की गई वसूली का रिकॉर्ड ही सामने आ रहा है। इस मामले में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त रोहित व्यास ने मामले की शिकायत नगरी निकाय विभाग रायपुर से की है और मामले की जांच की मांग के लिए पत्र लिखा है। मामले की जांच होने पर राजस्व विभाग में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।

खजाना रहता है खाली
नगर निगम में जलकर, संपत्तिकर, समेकित कर, दुकानों का किराया सहित अन्य टैक्स वसूली के लिए करोडों का लक्ष्य रखा जाता है। टैक्स वसूली राजस्व विभाग करता है। राजस्व विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद भी हर साल लक्ष्य का आधा व इससे कम की वसूली दर्शायी जाती है। टैक्स वसूली नहीं होने से निगम का खजाना खाली रहता है।

हर साल लक्ष्य से बहुत कम की टैक्स वसूली का कोई ठोस कारण भी सामने नहीं आया है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए आयुक्त रोहित व्यास ने नगर निकाय विभाग को जांच के लिए दस्तावेज व वसूली का रिकार्ड भेजा है। वसूली में गड़बड़ी लंबे समय से होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन अपर कलक्टर व ट्रेनी आयुक्त रोहित व्यास ने इस मामले में पहली बार संज्ञान लिया है।

इससे पहले किसी भी आयुक्त ने इस गड़बड़ी पर ध्यान नहीं दिया। मिली जानकारी के अनुसार निगम आयुक्त के द्वारा वसूली का दस्तावेज खंगालने पर वसूली का किरार्ड देखने पर कई तरह के गड़बड़ी सामने आई है। गड़बड़ी को देखते हुए इसकी जांच के लिए विभाग को पत्र लिखा है।

जांच हुई तो जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज
मामले की जांच हुई तो राजस्व विभाग में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों पर गाज गिर सकता है। बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा टैक्स वसूली व दुकानों के किराया सहित भूखंड आबंटन व प्रीमियम राशि के संबंध में कई तरह से लापरवाही बरती गई है।

लापराही गंभीर होने की वजह से आयुक्त ने सीधे इस मामले को नगरीय निकाय विभाग को सौंप दिया है। आयुक्त नगर निगम रोहित व्यास ने बताया कि टैक्स वसूली में कई तरह की अनिमितता सामने आई है। इस मामले की जांच कराने नगरी निकाय विभाग को दस्तावेज सौपा जाएगा। विभाग द्वारा इसकी जांच की जाएगी।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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