सीधे दो करोड़ की रिकार्ड बिक्री, औसत से अधिक कीमत पर बिकी महामाया ...

प्रशासन की कार्रवाई के बाद मिलरों ने मंडी से खरीदी नहीं करने का लिया था फैसला

By: Nitin Dongre

Updated: 27 Nov 2019, 08:47 AM IST

राजनांदगांव. प्रशासन की सख्ती के बाद मंडी से धान खरीदी नहीं करने पर अड़े पोहा मुरमुरा मिलर मंगलवार से फिर धान खरीदी करने पहुंचे। शनिवार से खरीदी बंद होने के बाद मंगलवार को मंडी में रिकार्ड धान की बिक्री हुई है। मिलरों के पास धान नहीं होने के कारण मांग अच्छी रही और नया महामाया धान शासन द्वारा तय समर्थन मूल्य से अधिक १९२५ रुपए प्रति क्विंटल तक बिका है। औसत से अधिक रुपए में उपज बिकने से किसानों के चेहरे पर खुशी देखी गई।

ज्ञात हो कि मिलों में अवैध भंडारण के खिलाफ में प्रशासन ने अभियान छेड़ा हुआ है। इसमें कोचियों के घर, गोदाम और मिलों में लगातार छापेमार कार्रवाई करते हुए जब्ती बनाई जा रही थी। मिलरे इसके विरोध में उतर आए थे और मंडी से धान खरीदी नहीं करने का फैसला लिया था। शनिवार से मंडी में खरीदी बंद थी। इस वजह से यहां करीब एक करोड़ रुपए से अधिक का धान जाम हो गया था। किसान अपनी उपज की सुरक्षा के लिए मंडी में डटे हुए थे, रतजगा करन अपने मेहनत की कमाई की सुरक्षा में लगे हुए थे। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम मुकेश रावटे व्यापारियों से चर्चा करते हुए कहा कि भंडारण रिकार्ड दुरुस्त रखने पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके बाद व्यापारियों ने मंगलवार से खरीदी के लिए हामी भरी थी।

समर्थन मूल्य से अधिक कीमत पर बिकी महामाया

शनिवार व सोमवार को धान खरीदी बंद रही। कृषि उपज मंडी में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन मंगलवार को खरीदी शुरू होने पर मंडी परिसर फिर गुलजार हो गया। यहां व्यापारी धान खरीदी करने पहुंचे और रिकार्ड धान की बिक्री हुई। मिली जानकारी अनुसार मंडी में सीजन के हिसाब से करीब १५ हजार से १८ हजार कट्टा धान बिकती है, लेकिन दो दिनों तक खरीदी बंद होने के कारण मंगलवार को करीब २५ हजार कट्टा धान की बिक्री हो गई।

बाद में मिलेगी अंतर की राशि

राज्य सरकार ने सोसाइटी के माध्यम से केंद्र द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर ही खरीदी करने का फैसला की है। ऐसे में किसानों को वर्तमान में उपज की कीमत २५०० रुपए प्रति क्विंटल नहीं मिलेगी। फिलहाल सोसाइटी के माध्यम से पतला धान को १८१५ व मोटा धान को १८३५ रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि अंतर की राशि किसानों के खाते में आएगी। इस पर उनका ही हक है।

छह माह तक चलेगी खरीदी

छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉपोरेशन के द्वारा जिले में कृषि साख सहकारी समितियों एवं लेम्पस के माध्यम से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के अंतर्गत मक्का एक दिसंबर 2019 से 31 मई 2020 तक खरीदा जाएगा। मक्के के लिए एक हजार 760 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। मक्का खरीदी की अधिकतम सीमा 10 क्विंटल प्रति एकड़ लिकिंग सहित तय है। मक्के में नमी का निर्धारित मापदंड 14 प्रतिशत है। किसानों को मक्का खरीदी का भुगतान डिजिटल मोड़ से उनके बैंक खातों में राशि का अंतरण किया जाएगा।

खरीदी शुरू हो गई है

मंडी सचिव आरके देशमुख ने बताया कि मंगलवार से मंडी में धान की खरीदी शुरू हो गई। रिकार्ड धान (२५ हजार क्विंटल) की बिक्री हुई है। महामाया धान औसत से अधिक कीमत पर बिकी।

Nitin Dongre Desk
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