कंगाल निगम को उबारना और टैंकर मुक्त शहर नई शहरी सरकार के लिए होगी बड़ी चुनौती ...

सफाई व्यवस्था बनाना और यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में भी करना होगा काम

By: Nitin Dongre

Published: 03 Jan 2020, 09:47 AM IST

राजनांदगांव. शुक्रवार को शहर को नई सरकार मिल जाएगी। निगम के टाऊनहाल में आज महापौर, निगम अध्यक्ष और पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह है। शहर की नई सरकार के पास कई चुनौती है। इसे पूरा करना महापौर सहित पार्षदों को काफी कुछ काम करने की जरुरत पड़ेगी। नगर निगम की सबसे बड़ी समस्या है। आय का श्रोत नहीं होना और टैक्स वसूली में ढिलाई। टैक्स वसूली व आय का कोई बेहतर विकल्प नहीं होने से निगम का खजाना खाली रहता है और कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पाता। निगम को अपने कर्मचारियों को वेतन देने राज्य शासन के अधीन रहना पड़ता है।

वहीं शहर की सबसे गंभीर समस्या बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने की है। बाजार क्षेत्र गुडाखू लाइन, हलवाई लाइन, सदर बाजार, भारतमाता चौक, गंड चौक सहित अन्य जगहों पर प्लेट फार्म के उपर कब्जा है। वहीं दुकानदार सड़कों तक दुकान सजा कर रखते है। इसकी वजह से 20 मीटर का दुकान 8 से 10 मीटर मेें सिमट जाता है और बाजार क्षेत्र में जाम की स्थिति निर्मित होती है और आम जनता परेशान होती। नई सरकार को इस दिशा में कड़ाई के साथ काम करने की जरुरत पड़ेगी।

अमृत मिशन का सही तरीके से क्रियान्यवयन

केन्द्र सरकार की अमृत मिशन योजना के तहत शहर में करबी 210 करोड़ की लागत से घर-घर पानी पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। योजना के तहत उपरी व ग्रामीण वार्डों में टंकी बना कर पाइप लाइन के जरिए घरों में पानी पहुंचाना है। इस योजना का सही तरीके से क्रियान्यवयन करने की जरुरत है। योजना में किसी तरह की भर्राशायी होने पर आम जनता कोो पानी नहीं मिल पाएगा। ईमानदारी से काम होने पर ही यह योजना सफल होगी और टैंकर मुक्त शहर का सपना साकार होगा। इससे पहले भी नल जल योजना के तहत लगभग 68 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। इस योजना का सही तरीके से क्रियान्यवयन नहीं होने से करोड़ोों खर्च के बाद बी दर्जनभर वार्ड में पेयजल की समस्या बरकरार है।

झुग्गी मुक्त शहर पर भी बेहतर काम की जरुरत

केन्द्र व राज्य सासन द्वारा गरीबों को आवास दिलाने व झुग्गी मुक्त शहर बनाने कई योजना चलाई जा रही है। योजना का पालन नहीं हो रहा है। झुग्गी मुक्त शहर बनाने शहर के पेन्ड्री में आईएचएसडीपी योजना, अटल आवास योजना, सहित अन्य योजना के 2000 से अधिक आवास का निर्माण किया गया है। इन आवासों में आवासहीन व झुग्गी-जोपड़ी में रहने वालों को व्यवस्थापन कराना है। निगम प्रशासन द्वारा इस दिशा में काम नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग आवास में जाना नहीं चाह रहे हैं। वहीं कई आवासों में अवैध कब्जा है। नई सरकार के लिए जरुरतमंद व पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें आवास में व्यवस्थापना कराना भी एक चुनौती रहेगा।

धरोहरों का सहेजने की दिशा में भी करना होगा काम

शहर में कुछ एतिहासिक धरोहर है। देखभाल के अभाव में धरोहरों का बुरा हाल है। इसमें ऐतिहासिक धरोहर बूढ़ा सागर, रानी सागर, शहर के अन्य तालाब, की सफाई व इन जगहों का सौंदर्यीकरण कर बेहतर बनाने की जरुरत है। वहीं शहर में गार्डन व पार्क की कमी है। शहरवासियों के व्यायाम व मनोरंजन के लिए सर्वसुविधा युक्त गार्डन व पार्क बनाने की दिशा में भी काम करने की जरुरत पड़ेगी।

सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने भी काम

शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने नई सरकार को और बेहतर काम करने की जरुरत पड़ेगी। वर्तमान में सफाई के नाम पर हर माह लाखों रुपए खर्च हो रहा है। बावजूद इसके कर्च केो हिसाब से सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं है। नई सरकार को बेहतर प्लान कर शहर को साफ व सुंदर बनाने के लिए भी नई उर्जा के साथ काम करने की जरुरत पड़ेगी।

निगम में व्याप्त भर्राशाही को रोकने की जरुरत

नगर निगम में अधिकारी -कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं। अधिकारी-कर्मचारियों की अनदेखी से निगम में टैक्स वसूली के अलावा अन्य काम समय पर नहीं होता। इसके अलावा निगम के कई विभाग में बेवजह ही ठेका श्रमिकों की नियुक्ति की गई है। सभी विभागों के कार्यों व कर्मचारियों की समीक्षा कर अतिरिक्त रखे गए कर्मचारियों की छटनी करने की दिशा में भी काम करने की जरुरत है। ताकि निगम का आर्थिक बोझ कम हो।

Nitin Dongre Desk
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