सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में रखी जाएगी निगरानी, चौकी और नांदगांव में दो उडऩदस्ता दल गठित ...

46 लॉटों के लिए क्रेता नियुक्त, बाहर के क्रेता और प्रतिनिधियों को 28 दिन क्वारेंटाइन में रहना होगा

By: Nitin Dongre

Published: 10 May 2020, 06:11 AM IST

राजनांदगांव. जिला यूनियन राजनांदगांव के 50 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 51 लाटों के लिए 84 हजार 400 मानक बोरा संग्रहण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से 46 लॉट के लिए 77 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ते का अग्रिम विक्रय कर 46 लॉटों के लिए क्रेता नियुक्त किए जा चुके हैं। प्रबंध संचालक जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित बीपी सिंह ने बताया कि 5 लॉटों आसरा, खुज्जी, डोंगरगांव, भड़सेना एवं साल्हेटोला लॉटों में 7400 मानक बोरा विभागीय संग्रहण किया जा रहा है। इस कार्य में 646 संग्रहण केन्द्रों का चयन किया गया है, जिसके लिए 640 फड़ अभिरक्षक, 34 पोषक अधिकारी, 10 जोनल अधिकारी बनाये गये है।

सीमावर्ती क्षेत्रों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए 2 उडऩदस्ता दल बनाया गया है। जिसका मुख्यालय चौकी और राजनांदगांव रखा गया है। वर्ष 2020 में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए पारिश्रमिक की दर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित किया गया है। इस कार्य में विकासखंड मानपुर, मोहला, चौकी, डोंगरगांव, छुरिया में 57 हजार संग्राहक परिवारों के द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य किया जाएगा। इस कार्य में संग्राहकों को कुल 33 करोड़ 76 लाख रूपए पारिश्रमिक के रूप में उनके खातों में भुगतान किया जाना है।

कार्य में श्रमिकों को दिया जाएगा 70 लाख रूपए

इसके अतिरिक्त संग्रहित तेंदूपत्ता के उपचारण कार्य जैसे उल्टाई-पल्टाई, ढेरी लगाई, बोरा भराई और गोदामीकरण कार्य में लगे श्रमिकों को लगभग 70 लाख रूपए इन कार्यों में लगे श्रमिकों को वितरित किया जाएगा। इससे पूर्व माह मार्च 2020 में सभी लॉटों में शाखकर्तन का कार्य किया गया, जिसमें लगे श्रमिकों को 46 लाख 42 हजार का भुगतान किया जा चुका है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे श्रमिकों को जिला यूनियन द्वारा 2 लाख 28 हजार मास्क नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है, जिसका निर्माण स्थानीय स्व सहायता समूहों और वन प्रबंधन समितियों द्वारा किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने दी है अनुमति

18 लाख 24 हजार का भुगतान मास्क निर्माण में लगे समूहों को किया जा रहा है। तेन्दूपत्ता के्रताओं एवं उनके प्रतिनिधियों को जिला प्रशासन द्वारा जिले में तेन्दूपत्ता कार्य पूर्ण करने के लिए पास जारी किया गया है। राज्य से बाहर के के्रता एवं उनके प्रतिनिधियों की संख्या 92 एवं छत्तीसगढ़ राज्य के के्रता एवं उनके प्रतिनिधियों की संख्या 109 लोगों को तेंदूपत्ता संग्रहण, उपचारण एवं गोदामीकरण कार्य करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमति दी गई है। बाहर के क्रेता एवं प्रतिनिधियों को 28 दिन के क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। उनके लिए राजनांदगांव एवं चौकी में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है, जहां निजी व्यय पर क्रेता एवं उनके प्रतिनिधि रहेंगे। उन्हें दिनभर कार्य करने एवं रात्रि में क्वारेंटाइन सेंटर पर निवास करना अनिवार्य रखा गया। छत्तीसगढ़ राज्य के निवासियों को निवास के लिये कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु उन्हें सलाह दी गई है कि वे लोग गांवों में किसी के घर में निवास न करें।

प्रतिदिन होगा स्वास्थ्य परीक्षण

लॉकडाउन अवधि में ग्रामीणों द्वारा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस कारण तेंदूपत्ता कार्य में लगे प्रबंधकों को आने-जाने में असुविधा न हो, इस के लिए सामाजिक दूरी बनाकर तेंदूपत्ता कार्य करने में आवश्यक सहयोग के लिए ग्रामीणों को समझाईश दी जा रही है और अपील की जा रही है। किसी भी परिस्थिति में किसी भी बाहरी व्यक्ति को अस्वस्थ रहने की स्थिति में तेंदूपत्ता कार्य में नहीं लगाया जाएगा। क्रेता और क्रेता प्रतिनिधियों का प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।

समझाईश देने का अभियान चलाया गया

सभी ग्रामवासियों, सचिवों, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों से अपील की गई है कि तेंदूपत्ता कार्य में सहयोग करें और सामाजिक दूरी बनाकर अधिकाधिक संग्रहण कर आय में वृद्धि करें। पिछले 15 दिनों से वन विभाग द्वारा वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से सामाजिक दूरी बनाने एवं मास्क लगाकर तेंदूपत्ता कार्य करने के लिए समझाईश देने का अभियान चलाया गया है। इस दौरान स्वयं सेवी युवक एवं युवतियों का चयन कर तेंदूपत्ता फड़ों पर सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए निगरानी करने के लिए लगाया गया है।

225.960 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण किया

ग्रामीणों को केवल स्वस्थ व्यक्तियों द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण करने और कम से कम संख्या में तेंदूपत्ता फड़ों पर आने के लिए अनुरोध किया गया है। 10 वर्ष से कम एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को तेंदूपत्ता फड़ों पर न आने की समझाईश दी गई है। संग्रहित तेन्दूपत्ता बोरों का डोंगरगांव एवं चिरचारी के शासकीय गोदामों एवं राजनांदगांव स्थित निजी गोदामों में भंडारित किया जाएगा। 6 मई 2020 को कोतरी 'अ' और कोतरी 'ब' लॉटों का तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य प्रारंभ हो चुका है । प्रथम दिवस कुल 225.960 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया। इस कार्य में 481 तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों द्वारा संग्रहण एवं तेन्दूपत्ता फड़ों पर विक्रय का कार्य किया गया।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned