गलती को सही ठहराते सीईओ ने ग्राम धुसेरा सचिव को किया आफिस अटैच

जांच टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने दिया आदेश

By: Nakul Sinha

Published: 07 Mar 2020, 05:01 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. समीप ग्राम धुसेरा पंचायत में मंगलवार को हुए विवाद के बाद वहां पदस्थ सचिव की गलती को सही ठहराते हुए विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मण कचलाम द्वारा सचिव कंचन भालेकर को डोंगरगढ़ आफिस में अटैच करने तथा हरणसिंगी के सचिव अमित वर्मा को धुसेरा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया तथा जांच के लिए सी.कुजुर, देवानंद मेश्राम, अनिल बंसोड की टीम बनाकर तीन दिन के भीतर जांच के आदेश दिए गए है।
ज्ञात हो कि पिछले मंगलवार को पूर्व पंच और पूर्व सरपंच के बिदाई समारोह एवं प्रभार आदान प्रदान के लिए बुलाई गई मिटिंग में प्रभार देने से पूर्व ही विद्युत खरीदी को लेकर हिसाब किसाब में पंचायत में हुए हंगामे के बाद ग्रामीणों व पूर्व सरपंच को अंधेरे में रखकर नियम विरूद्ध लाईट खरीदी का मामला उठा और ग्रामीणों ने सचिव कंचन भालेकर को पंचायत में दो घंटे तक बंधक बना कर रखा गया था। बताया जाता है कि सर्वप्रथम उपसरपंच द्वारा सचिव कंचन भालेकर से चौदहवें वित से पिछले दो माह पूर्व स्टीट लाईट खरीदी के संबंध में जानकारी मांगी गई जिस पर सचिव ने प्रस्ताव रजिस्टर अवलोकन के लिए दिया जिसमें पंचों ने रजिस्टर में ओवर राईटिंग पाया तथा एक ही तारिख में खरीदी एवं संबंधित कार्य एजेंसी को भुगतान का प्रस्ताव देख पंचगण आगबबूला हो गए। जहां मौके पर पहुंचे जनपद सदस्य रवि अग्रवाल ने जब सचिव से खरीदी में नियम का पालन संबंधित दस्तावेज दिखाने कहा तो सचिव ने खरीदी नियम का पालन नहीं होना बताया।

सचिव ने प्रस्ताव लिखने से किया था मना
ग्रामीण बैठक की कार्यवाही में सचिव के खिलाफ कार्यवाही और पूर्व सरपंच के खिलाफ राशि वसूली के प्रस्ताव बनाने कहा गया तथा सचिव के मना करने पर मौके पर पहुंचे क्षेत्रिय करारोपण अधिकारी देवानंद मेश्राम द्वारा भी खरीदी गलत पाया गया और करारोपण अधिकारी के आदेश के बावजूद सचिव द्वारा प्रस्ताव लिखने से मना करने पश्चात ग्रामीण तत्काल बैठक हाल से बाहर निकल गए और सचिव एवं करारोपण अधिकारी को पंचायत में छोड़कर बाहर धरने पर बैठ गए। इस घटना की जानकारी एसडीएम अविनाश भोई को होने पर उन्होंने वरिष्ठ विस्तार अधिकारी लेखराम चंद्रवंशी, पंचायत निरिक्षक छत्रपाल सिंह ठाकुर को धुसेरा भेजा। जहां ग्रामीणों से जानकारी होने पर अधिकारियों ने प्रस्ताव रजिस्टर का अवलोकन कर प्रथम दृष्टि में ओवरराईटिंग और नियम के विरूद्ध खरीदी करना पाया गया। तत्काल सचिव को बैठक की कार्यवाही में लिखने को निर्देश दिया गया तथा ग्रामीणों को लिखित में आश्वस्त किया गया कि तीन दिवस के भीतर सचिव पर कार्यवाही और पूर्व सरपंच पर वसूली की कार्यवाही की जाएगी। इस आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए वहीं सचिव को बंधक बनाने को लेकर पुलिस भी पहुंच चुकी थी।

ग्राम देवकट्टा में प्रभार के दौरान भी कर चुके है फर्जीवाड़ा
ज्ञात हो कि संबंधित सचिव पूर्व में ग्राम देवकट्टा प्रभार के दौरान नियम विरूद्ध कार्य करते हुए कई लाखों का फर्जीवाडा कर चुकी है जिसके दस्तावेज को जांचकर्ता अधिकारी तहसीलदार अविनाश ठाकुर जांच के नाम पर दस्तावेज जब्त कर ले गए किंतु वहां भी जांच नहीं होने के चलते संबंधित सचिव के हौसले बुलंद हो गए। परिणामस्वरूप ग्राम धुसेरा में भी इन्होंने नियम विरूद्ध कार्य कर लाखों रूपए की हेराफेरी की है। इस दौरान वर्तमान सरपंच पीतांबर सिन्हा, उपसरपंच राजेंद्र ध््राुवे, पूर्व सरपंच श्यामलाल सिन्हा, ग्राम प्रमुख रामगुलाल, रशीद खान, उदय सिन्हा, कीर्तन, शिवकुमार, कादरखान, श्रवण, अनूप साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

Nakul Sinha
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