ठेकेदारों ने नियम और कानून को रखा ताक पर, राजनीतिक संरक्षण के बीच चल रहा अवैध मुरूम खनन का गोरखधंधा ...

प्रशासन व खनिज विभाग के अफसर नेताओं के आगे बौने साबित हो रहे हैं

By: Nitin Dongre

Published: 29 Jun 2020, 07:45 AM IST

ठेलकाडीह. डोगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चाहे भाजपा की सरकार हो या फिर कांग्रेस की पिछले की सत्ता सरकार में इन क्षेत्रों में जमकर अवैध मुरूम खनन का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा। लोगों को उम्मीद थी कि कांग्रेस की सरकार आने के बाद इस पर अंकुश लगेगा लेकिन यहां सब भाई-भाई का नारा हो तो कार्रवाई किसके उपर होगी। खैर वर्तमान में खैरागढ़ ब्लॉक के गातापारकला से शिकारीटोली का सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इस सड़क निर्माण ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण का आरोप लगाते हुए सड़क में डामर बिछाई के दौरान मामले को उठाया था।

विभाग के अधिकारियों के कानों तक बात जरूर पहुंची लेकिन अधिकारियों के कानों में जू तक नहीं रेंग रही। मतलब साफ है क्षेत्र की जनता को बताने की जरूरत नहीं हैं। क्योंकि हाल ही में ठेलकाडीह से मरकामटोला सड़क के रिपेयरिंग का काम उसी ठेकेदार द्वारा किया गया है। जानकारी के अनुसार यह ठेकेदार कवर्धा के बताया जा रहा है। जो कि किसी मंत्री के करीबी होने का पूरा फायदा उठा रहे हैं। निर्माण जैसा भी हो सब जायज है।

सड़क फीलिंग में मुरूम की जगह, पत्थर

जिस प्रकार से जिला से बाहरी ठेकेदार को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ठेकेदार किस तरह कार्य को अंजाम दे सकता है। हाल ही में बनाए गए रोड जो कि ठेलकाडीह से मरकामटोला सड़क रिपेयरिंग का कार्य किया गया है। इस रोड में फीलिंग के लिए पत्थर युक्त मुरूम का उपयोग किया गया है। फीलिंग अच्छी तरह से नहीं होने के कारण जल्द ही पानी के बहाव में गड्ढे हो जाएंगे।

पूर्व विधायक ने कहा रोड गुणवत्त की जांच की जाए

डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों तक पुराने रोड पर लाखों के रिपेयरिंग और नई रोड निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पूर्व विधायक संरोजनी बंजारे ने कहा कि रोड निर्माण की गुणवक्ता की जांच होनी चाहिए और गड़बड़ी करने वाले निर्माण एंजेसी पर कार्रवाई की जाए।

सांठगांठ से चल रहा पूरा खेल

क्षेत्र के लोगों को उम्मीद रहती है कि रोड का निर्माण मजबूती से हो ताकि अधिक समय तक बगैर परेशानी के इसका उपयोग कर सकें। ऐसा डोगरगढ़ विधानसभा में बन रही रोड पर कल्पना मात्र है। क्योंकि रोड निर्माण के शुरू होने के पहले नेताओं और अधिकारियों तक चढ़ोत्तरी पहुंच जाती है। इसलिए न निर्माण के दौरान कोई नेता देखने आता है और न ही अधिकारी, यदि कोई विभाग के इंजीनियर मौके पर आ गए तो वो भी औपचारिका निभा के चले जाते है। उन्हें उपर के दबाव के चलते रस्म अदयगी करनी पड़ती है।

पिपलाकछार रोड निर्माण पर ठेकेदार की मनमानी

पिपलाकछार से पांड़ादाह मार्ग तक जोडऩे के लिए रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह भी डोगरगढ़ विधानसभा क्षेंत्र के अंतर्गत आता है। यहां भी ठेकेदार ने डोंगरी से चोरी छिपे अवैध खनन कर रोड में बेस और फीलिंग में उपयोग कर रहे हैं। वहीं रोड की गुणवत्ता पर विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई है। यहां भी अधिकारी और नेतागण सब मौन है।

Nitin Dongre Desk
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