फर्जी डिग्री के सहारे बने शिक्षाकर्मियों की कुंडली पहुंचेगी मंत्री तक, अनुभव और खेल प्रमाण में खेला खेल, शिकायत की तैयारी ...

फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी बनकर सालों से नौकरी करने वाले ऐसे शिक्षकों की कुंडली अब राज्य के शिक्षामंत्री व प्रशासन के पास सौंपने की तैयारी की जा रही है।

By: Nitin Dongre

Updated: 01 Aug 2020, 07:31 AM IST

ठेलकाडीह. जिले के खैरागढ़ व डोंगरगढ़ ब्लॉक में फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी बनकर सालों से नौकरी करने वाले ऐसे शिक्षकों की कुंडली अब राज्य के शिक्षामंत्री व प्रशासन के पास सौंपने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार करीब 12-13 साल पूर्व खैरागढ़ जनपद पंचायत से थोक में शिक्षाकर्मियों की भर्ती की गई थी।
इस दौरान कई ऐसे शिक्षक बने जिनके पास न तो खेल प्रमाण पत्र थे और न ही अनुभव प्रमाण पत्र थे, लेकिन ऐसे लोगों को शिक्षाकर्मी में नियुक्त कर दिया गया। क्योंकि ऐसे शिक्षक कुटरतिच दस्तावेज के सहारे सालों से शिक्षाकर्मी बनकर शासन की आखों में धूल झोंककर नौकरी कर रहे हैं। अब ऐसे फर्जी शिक्षकों की खैर नहीं है। इनकी कुंडली प्रशासन के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री को सौंपने की तैयारी की जा रही है।

ऐसे मामले में होते हैं अपराधिक प्रकरण दर्ज

करीब 12-13 वर्ष पूर्व थोक में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती में जमकर फर्जी डिग्री का खेल खेला गया है। ऐसे कर्मी अब शिक्षक बनकर प्रशासन को चूना लगा रहे हैं। इस तरह के मामले छत्तीसगढ़ के बालोद, धमतरी, कवर्धा में सामने आ चुके हैं। ऐसे प्रकरण में सीधे अपराधिक व 420 सहित संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई होती है। धमतरी में फर्जी डिग्री के सहारे बने शिक्षाकर्मी को पांच साल की सजा तक हो चुकी है। अब देखना ये है कि खैरागढ़ जनपद में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती किस प्रकार की कार्रवाई होती है।

जांच हुई तो कई आएंगे लपेटे में

फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी की सालों से कर नौकरी ऐसे लोगों की शिकायत की कुंडली तैयार हो रही है। यदि शिकायत के बाद जांच की जाती है, तो कई ऐसे शिक्षक भी है जिनका प्रमोशन तक हो चुका है। वे भी इसके लपेटे में आएंगे।

Nitin Dongre Desk
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