पति की हो चुकी थी मौत, नई जिंदगी की चाह में जोड़ा था नया रिश्ता और दूसरे पति ने की ये हरकत ...

पति, जेठानी और सास तीनों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास

By: Nitin Dongre

Published: 27 Nov 2019, 09:16 AM IST

राजनांदगांव. सोमनी क्षेत्र के अंतर्गत मनगटा में निवासरत पुष्पा साहू का विवाह वर्ष 2003 में ग्राम कोटराभाठा में रूमलाल साहू से हुआ था, सड़क दुर्घटना में रूमलाल साहू की मृत्यु के बाद उसका चुड़ी विवाह सामाजिक रीति-रिवाज के साथ अभियुक्त तुकाराम साहू के साथ हुआ। पुष्पा बाई अभियुक्त तुकाराम साहू की दूसरी पत्नि है। पुष्पा साहू के अनुसार उसके पति तुकाराम का उसकी जेठानी टिकेश्वरी के साथ नाजायज सबंध था और इस बात को घर के सभी लोग जानते थे। तुकाराम साहू द्वारा पुष्पा साहू को पत्नी का दर्जा नहीं दिया जाता था।

28 अगस्त 2018 की रात 9 बजे आरोपी तुकाराम के साथ विवाद इस बात को लेकर हुआ कि, उसके पति तुकाराम ने उसे पत्नि का दर्जा नहीं देते और अपनी भाभी से नाज़ायज संबंध रखते है, इस बात पर तुकाराम अपनी पत्नि पुष्पा बाई को मारने पर उतारू हो गया तब पुष्पा बाई की जेठानी टिकेश्वरी और सास बेदूबाई ने पुष्पा बाई के हाथ को पकड़ लिया और तुकाराम ने पुष्पा बाई के ऊपर मिट्टी तेल डालकर जलाने का प्रयत्न किया किंतु तुकाराम के आग लगाने के पहले पुष्पा बाई वहां से अपनी जान बचाकर भागी और अपने चाचा कन्हैया लाल साहू को कॉल कर घटना की जानकारी दी और अपने चाचा के साथ थाना सोमनी जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच शुरू की

प्रार्थिया पुष्पा साहू की रिपोर्ट पर थाना सोमनी द्वारा मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। दौरान जांच के आरोपीगण तुकाराम साहू, बेदूबाई साहू एवं टिकेश्वरी साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था तथा संपूर्ण विवेचना के बाद आरोपियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के तहत् विचारण के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।

और सुनाया फैसला

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव पीठासीन अधिकारी 'शेख अशरफÓ द्वारा विचारण उपरांत मामले में 26 नवंबर को निर्णय घोषित कर आरोपी तुकाराम साहू पिता सुखदेव साहू उम्र 40 वर्ष, बेदूबाई साहू पति सुखदेव साहू उम्र 60 वर्ष और टिकेश्वरी साहू पति बलराम साहू उम्र 34 वर्ष इन सभी ग्राम मनगटा थाना सोमनी निवासी को पुष्पा बाई की हत्या के प्रयास के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के अपराध में पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रूपये का अर्थदंड, अर्थदंड की राशि अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्तगण को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कठोर करावास भुगतान किए जाने का दंडादेश पारित किया गया। मामले में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कुंजलाल साहू ने पैरवी की।

Nitin Dongre Desk
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