शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का महापौर का दावा फेल, डिस्पोजल से पट गई मोहारा की नालियां, सफाई में ध्यान नहीं ...

पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए घातक, नालियां भी जाम

By: Nitin Dongre

Published: 01 Mar 2020, 09:34 AM IST

राजनांदगांव. शराब से मिलने वाली रेवेन्यू का लालच पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। जिले में जितनी शराब भी शराब दुकानें हैं, वहां आसपास रोजाना बेहिसाब डिस्पोजल सहित अन्य प्लास्टिक के रेपर फेंंकें जा रहे है, जो पर्यावरण के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। इस प्लास्टिक कचरे का निष्पादन भी नहीं हो रहा है। ये आसपास खेत-खलिहान व नालियों में जाम पड़ी हुई है।

राजनांदगांव के बाईपास मोहारा और रेवाडीह में संचालित शराब भ_ियों के आसपास भी यही स्थिति बनी हुई है। इस मार्ग में जहां शराब दुकान है। वहां चहुंओर प्लास्टिक की गंदगी पड़ी हुई। यहां निगम प्रशासन सफाई अभियान भी नहीं चला रहा है। जबकि नवनियुक्त महापौर हेमा देशमुख शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने व सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए पहल करने की बात कही है, लेकिन यहां निगम का अमल नहीं दिख रहा है।

आए दिन लगता है शराबियों का मजमा

पूरे बाइपास मार्ग में शाम होते ही शराबियों का मजमा लग जाता है। अघोषित आहाता में शाम होते ही जाम पे जाम टकराते हैं। शराबखोरी के बाद वहीं डिस्पोजल, शराब की शीशी सहित अन्य चखना के रेपर फेंक दिए जाते हैं। ये पूरा मार्ग व क्षेत्र की नालियां डिस्पोजल सहित अन्य कचरों से पटा पड़ा है। इस मार्ग से गुजरने वालों को सहज ही पता चल जाता है कि आसपास ही शराब की दुकान संचालित होती है।

Nitin Dongre Desk
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