रोका-छेका अभियान की निकल रही हवा, खेतों में घुस रहे बड़ी तादाद में मवेशी, सड़कों पर बैठने से आवाजाही प्रभावित ...

बिना बारिश के सूखने लगी फसले, किसानों ने सौंपा ज्ञापन

By: Nitin Dongre

Published: 01 Aug 2020, 07:55 AM IST

खैरागढ़. रोका-छेका अभियान का शहर में शुरूआत नहीं होने से पशुओं के सड़कों पर बैठने खेतों में घुसकर फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाने के चलते अमलीपारा के किसानों के नपा एल्डरमैन भरत चंद्राकर की अगुवाई में एसडीएम नगरपालिका अधिकारी और पुलिस थाना में ज्ञापन सौंप कर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

नगरपालिका पहुंचे किसानों ने बताया कि अमलीपारा और सोनेसरार के किसान पिछले माह भर से अल्पवर्षा के कारण फसलों के नुकसान को लेकर दुखी हैं। बारिश नहीं होने से फसल सूखने लगी है। सड़कों और खेतों में घूमने वाले पशुओं और इन पशुओं के मालिकों द्वारा पशुओं को घरों पर नहीं रखने और लगातार लापरवाही दिखाने के कारण पशु खेतों में पहुंचकर धान और सोयाबीन की फसल को नष्ट कर रहे हैं। समय पर उचित कार्यवाही नहीं होने के कारण किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।

मवेशियों से दुर्घटना की बनी रहती है आशंका

किसानों ने कहा कि कोरोना संकट काल में पहले से ही रोजी-रोटी की समस्या है। सोनेसरार और अमलीपारा वार्ड में गरीब और मजदूर वर्ग परिवार ही ज्यादातर निवासरत हैं। किसानों ने बताया कि शाम होते ही मुख्यमार्ग पर सोनेसरार से किलापारा तक और अमलीपारा में हाईस्कूल के पास मुख्य मार्ग में रोजाना सैकड़ों मवेशी घूमते हैं। खेतों में घुसने से फसलों के नुकसान के साथ-साथ सड़कों पर मवेशियों के रहने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

इन्होंने सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने वालों में अमलीपारा और सोनेसरार वार्ड के रहवासी भरत चंद्राकर, एल्डरमैन पूरन सारथी, हरि भोंडेेकर, हीरालाल साहू, राधेश्याम साहू, बाबा यादव, नरोत्तम यादव, आलोक वर्मा, विनोद चंद्राकर, अवधेश साहू, गैंदलाल, गंगाराम, बिहारी, शिवप्रसाद, राजेश कोठले, अमीरदास कोसरे, नोहर, नरेश, रामकुमार धु्रवे सहित अन्य मौजूद रहे।

Nitin Dongre Desk
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