गरीब किसान अपने पैसे के लिए छह माह से काट रहा है बैंक का चक्कर

गरीब किसान अपने पैसे के लिए छह माह से काट रहा है बैंक का चक्कर

Nakul Sinha | Publish: Sep, 16 2018 04:24:43 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 04:24:44 PM (IST) Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

भारतीय स्टेट बैंक की लचर व्यवस्था की खुली पोल

राजनांदगांव / खैरागढ़. एक ओर जहां भारतीय स्टेट बैंक अपने खाताधारकों के प्रति हमेशा तत्पर रहने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर वह अपने खाताधारकों को किस तरह बैंक के चक्कर लगाने पर मजबूर करती है, इसका सीधा उदाहरण भारतीय स्टेट बैंक शाखा खैरागढ़ के खाताधारक ग्राम नवागांवकला में रहने वाले जीतो निर्मलकर के द्वारा खैरागढ़ जनपद पंचायत के अध्यक्ष विक्रांत सिंह को लिखित आवेदन में भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा लाचार व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। जनपद अध्यक्ष सिंह को दिए आवेदन में बताया है कि जीतो निर्मलकर द्वारा छह माह पूर्व 9 मार्च 18 को 21 नग 500 रूपये के नोट उसने भारतीय स्टेट बैंक शाखा के कैश डिपाजिट मशीन (सीडीएम) में जमा किया लेकिन छह माह गुजरने के बाद भी अभी तक उसके जमा किए गए रूपये खाते में नही आ पाया है। इस संदर्भ में जीतो निर्मलकर ने बताया कि बैंक अधिकारियों को मामले में कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन अभी तककोई कार्रवाई बैंक के द्वारा नही की गई है जिससे वह बेहद परेशान है। निर्मलकर ने बताया कि वह जब भी बैंक जाता है तो उसे कल आना कहकर बैंक के अधिकारियों द्वारा वापस भेज दिया जाता है। जनपद अध्यक्ष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते एसडीएम सीपी बघेल से दूरभाष पर संपर्क कर उचित कार्रवाई करने और मामले की जांच कराने की बात कही है।

वृद्ध ग्रामीण हुआ उठाईगिरी का शिकार
शहर के पंजाब नेशनल बैक के सामने फिर एक ग्रामीण उठाईगिरी का शिकार हो गया। शुक्रवार को मुस्का निवासी बहुरसिंह पिता पंचूराम अपने नाती के साथ पंजाब नेशनल बैंक रकम निकालने पहुंचा। पीडित ने बताया कि प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत खाते में आई किश्त की राशि 40 हजार रूपये को निकालकर बैंक से बाहर निकला। बाइक में बैठने के पूर्व बहुर सिंह ने राशि से भरा थैला गाड़ी की डिक्की में डाला था। इसी दौरान नाती के मोबाइल में काल आया बात करने के दौरान बुजुर्ग का ध्यान हटते ही अज्ञात चोरों ने रकम से भरा थैला पार कर दिया। घटना के बाद पीडि़त बहुरसिंग ने मामले की जानकारी पुलिस थाने में जाकर दी। इसके बाद त्वरित रूप से पुलिस की टीम पीडि़त को लेकर बंैक पहुंची। लेकिन बैंक के बाहर सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरा खराब होने के कारण आरोपियों की शिनाख्त नही हो पाई। पुलिस ने मामला दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

लापरवाही फिर आई सामने
बैंकों के अंदर बाहर सुरक्षा व्यवस्था और शिनाख्ती के लिए प्रशासन और पुलिस के कई बार दिशा निर्देश के बाद भी शहर के अधिकांश बैंकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर बैंक प्रबंधन गंभीर नही है। अधिकांश बैंकों में अंदर तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से कैमरे लगाए गए है लेकिन बैंक के बाहर की सुरक्षा के लिए बैंकों ने कोई तैयारी व्यवस्था नही की है। उठाईगिरी के शहर के बैंकों में आधा दर्जन से अधिक मामले हो चुके है लेकिन किसी भी मामले में पुलिस आरोपियों तक नही पहुँच पाई है। जनता किसान और पीडि़तों की गाढ़ी कमाई ऐसे में कई बार लुट चुकी है लेकिन सुरक्षा मे बरती जा रही लापरवाही को लेकर शासन प्रशासन गंभीरता नही दिखा रहा है। बताया गया कि शुक्रवार वाले मामले में भी सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण पुलिस को कोई ठोस सबूत नही मिल पाए जिससे बहुर सिंह के साथ हुई उठाईगिरी में आरोपियों का कोई पता नही चल पाया। पुलिस प्रशासन ने कई बार बैंक अधिकारियों को अंदर व बाहर कैमरे लगाने, एटीएम में गार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है लेकिन अभी तक पालन नही हुआ है।

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