बारिश के दौरान 5 किलो मीटर घूम कर जाने की परेशानी होगी खत्म, ग्रामीणों के साथ स्कूली छात्रों को अब मिलेगा लाभ ...

कुम्ही और कोयलीकछार के बीच तैयार हुआ ढाई करोड़ की लागत से नया एनीकट

By: Nitin Dongre

Published: 01 Jul 2020, 07:06 AM IST

खैरागढ़. ब्लॉक के कुम्ही पंचायत के आश्रित ग्राम कोयलीकछार के लोगों को पंचायत मुख्यालय जाने अब पांच किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। कुम्ही से कोयली कछार के बीच में बहने वाली आमनेर नदी पर शासन द्वारा दी गई। नए एनीकट की स्वीकृति के बाद निर्धारित समय में ही इसका काम पूरा हो गया है। दो वर्ष पूर्व रमन सरकार के बजट में इसे ग्रामवासियों की पुरानी मांग के चलते जोड़ा गया था। पिछले साल अक्टूबर में स्वीकृति आने के बाद जलसंसाधन विभाग ने टेंडर सहित इसका निर्माण शुरू कराया था। इसी माह तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना था जिसे समय पर ही पूरा कर लिया गया। इसके बाद अब कोयलीकछार के ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय जाने केवल आधे किमी की ही दूरी तय करनी पड़ेगी।

कुम्हीवासियों की वर्षो पूरानी मांग हुई पूरी

ब्लॉक मुख्यालय से केवल पांच किमी की दूरी पर बसें कुम्ही पंचायत के आश्रित ग्राम कोयलीकछार के ग्रामीणों के साथ स्कूली छात्रों को पंचायत मुख्यालय स्थित स्कूल आने के लिए बीच में पडऩे वाली आमनेर नदी पार करना पड़ता था। बारिश के दिनों में कोयलीकछार के ग्रामीण नदी में पानी और बहाव ज्यादा होने के कारण पार करने की बजाय अमलीडीहखुर्द होकर पांच से सात किमी का लंबा सफर तय कर कुम्ही पहुंचते थे। कु म्ही के प्राथमिक और माध्यमिक शाला आने वाले बच्चों को भी नदी के खतरे से दो चार होना पड़ता था। कई वर्षों से कोयलीकछार और कुम्ही के ग्रामीण आमनेर नदी पर एनीकट की मांग कर रहे थे जिसे पिछली सरकार की बजट में शामिल किया गया था। अब इसका निर्माण पूर्ण होने के बाद इसका लाभ पंचायत के दोनों गांव कुम्ही और कोयलीकछार के लोगों को मिलेगा।

आवाजाही में सुविधा, 100 एकड़ में होगी सिंचाई सुविधा

कुम्ही कोयलीकछार के बीच आमनेर नदी पर दो करोड़ चालीस लाख रू की लागत से बने इस एनीकट में लगभग एक हजार क्यूबिक मीटर पानी स्टोरेज किया जाएगा। पांड़ादाह में बने आमनेर नदी पर पुल के बाद एनीकट का कैचमेंट एरिया चालू होगा जिससे लगभग नदी में ही डेढ़ से दो किमी तक इसका पानी रोका जा सकेगा। एनीकट में पानी रोके जाने के चलते इलाके के पांड़ादाह, पिपलाकछार, कोयलीकछार, कुम्ही सहित चिखलदाह गांव के सौ एकड़ से अधिक जमीन पर सिंचाई सुविधा भी अब मिल सकेगी। एनीकट से लिप्ट की मदद से किसान स्वयं अपनें खेतों की ंिसचाई कर सकेंगे।

जलस्तर में होगा बड़ा फायदा

उल्ल्ेाखनीय है एनीकट एरिया में सिंचाई मिलने वाली जमीनों पर ग्रामीण सालभर फसलों के साथ सब्जी उगाते हंै जिससे ग्रामीणों के मुख्य रोजगार को फायदा मिलेगा। सिंचाई व्यवस्था बनने के साथ-साथ इस इलाके के जल स्तर में भी बड़ा फायदा होगा। बोर सहित हैंडपंप के जलस्तर घटने की परेशानी दूर होगी। बच्चों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। आश्रित ग्राम कोयलीकछार सीधे तौर पर पंचायत मुख्यालय से जुड़ गया है। ग्रामीणों ने एनीकट निर्माण होने पर राहत के साथ खुशी जताई है।

सुविधा बढ़ेगी और मिलेगा फायदा

उपअभियंता जलसंसाधन विभाग जेके जैन ने कहा कि कुम्ही कोयलीकछार के बीच आमनेर नदी पर एनीकट निर्माण प्रक्रिया त्वरित रूप से शुरू कर इसका निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा कर लिया गया। दोनों गांवों के बीच एनीकट निर्माण से जलस्तर, सिंचाई सहित आवाजाही की सुविधा बढ़ेगी और फायदा मिलेगा।

Nitin Dongre Desk
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