विकास के मुद्दों पर लगी मुहर और इधर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कांग्रेसी पार्षद रहे नदारद ...

नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की बनी है सरकार

By: Nitin Dongre

Published: 16 Jul 2020, 08:30 AM IST

डोंगरगढ़. नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद डोंगरगढ़ नगर पालिका में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी और सरकार बनने के बाद नव निर्वाचित अध्यक्ष सुदेश मेश्राम के कार्यकाल में परिषद की पहली बैठक भारतीय जनता पार्टी की ओर से मनोनीत अध्यक्ष वार्ड नंबर 2 के पार्षद राजेश गजभिए की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विकास के मुददों पर मुहर लगाई गई। दरअसल नया कार्यकाल प्रारंभ होने के कुछ समय बाद ही देश में कोरोना का संकट छा गया, जिसके चलते 18 जून तक किसी भी प्रकार की बैठक लेने शासन द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था। 9 जुलाई को विधायक भुनेश्वर बघेल की उपस्थिति में परिषद की बैठक आयोजित की गई थी लेकिन पालिका के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते विधायक द्वारा बैठक को निरस्त कर 14 जुलाई को पुन: बैठक रखी गई।

बैठक में कुल 24 विषयों को शामिल किया गया जिसमें से अधिकतर विकास कार्यों को संपन्न कराने के लिए प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में विभिन्न वार्डो में सीसी रोड, आरसीसी नाली, अंडर ग्राउंड नाली निर्माण, स्वागत द्वार, नेहरू कॉलेज के सामने दुकान निर्माण, हाईस्कूल के सामने दुकान निर्माण सहित तहसील कार्यालय के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करने एवं जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु आवेदन पत्र पर भी विचार कर निर्णय लिया गया। एक को छोड़कर सभी 11 जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों को पार्षदों की सहमति से स्वीकृति दी गई। इसमें वार्ड नंबर 9 की पार्षद अनिता लोकेश इंदुरकर का जाति प्रमाण पत्र भी शामिल है। इसके अलावा कुछ कार्यों के लिए प्राक्कलन तैयार कर अगली बैठक में निर्णय करने की बात पर भी सहमति बनी।

बैठक में ये रहे शामिल

बैठक में पालिका अधिकारी हेमशंकर देशलहरा, नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा, पार्षद राजेश गजभिये, अनिता इंदूरकर, कुसुम मरकाम, काजल डोंगरे, आसिया बेगम, डीकेएस राव, कमलेश धमगाये, हरीश मोटघरे सहित इंजीनियर विजय मेहरा, बड़े बाबू जेआर चन्द्रवंशी, स्वच्छता प्रभारी अमर करसे, राजस्व निरीक्षक श्रवण गभने, जल शाखा प्रभारी अकील खान, मिशन क्लीन सिटी प्रभारी नितिन बख्शी उपस्थित थे।

विपक्ष ने कांग्रेस को घेरा

विपक्ष के नेता अमित छाबड़ा ने कहा कि कोरोना एवं अन्य कारणों से परिषद की बैठक वैसे ही 7-8 माह से नहीं हो पा रही थी, जिससे नगर का विकास में बाधा उत्पन्न हो रही थी और जैसे-तैसे बैठक 9 जुलाई को रखी गई तो वह भी किन्हीं कारणों से निरस्त कर दी गई और 14 जुलाई को पुन: बैठक आयोजित की गई, लेकिन आज की बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी कांग्रेसी पार्षदों अनुपस्थिति रहे, जिससे यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधि नगर के विकास को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्हें नगर के विकास से कोई लेना देना नहीं है। इसलिए वे लगातार किसी ना किसी बहाने बैठक को निरस्त करवा रहे थे। अंतत: आज हमने नगर पालिका अधिनियम के तहत अध्यक्ष मनोनित कर बैठक का सफल संचालन किया और नगर के विकास को गति प्रदान की।

Nitin Dongre Desk
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