धोधा मामले में मिल रही 'तारीख पे तारीखÓ, बना चर्चा का विषय

सरपंच के खिलाफ हुई थी शिकायत

By: Nakul Sinha

Published: 24 Jul 2018, 12:27 PM IST

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. नगर के नजदीकी ग्राम पंचायत धोधा में बीते कुछ माह से सुर्खियों में आ गया है। सुर्खियों में आने का कारण एक ही मामले पर लगातार 4 से 5 पेशी को आगे बढ़ाए जाने का है। विदित हो कि ग्राम पंचायत धोधा के सरपंच गिरधर ठाकुर के खिलाफ ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण के पैसो के भुगतान में मनमानी करने के चलते बीते कुछ माह पहले मोर्चा खोल दिया गया था।

सरपंच को जारी हुआ था नोटिस
ग्रामीणों द्वारा छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक लिखित शिकायत किया गया था, जिसके उपरांत जांच टीम को गांव में भेजा गया था। जाँच उपरांत भी समुचित कार्यवाही नही किये जाने पर जिला पंचायत सीईओ को भी लिखित शिकायत ग्रामीणों द्वारा किया गया था। जिस पर जिला पंचायत से गंडई एसडीएम को जांच के लिए पत्र आया था। वहीं जिला पंचायत द्वारा पत्र प्राप्त होने के बाद 21 मई को पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 एवं धारा 92 के तहत कार्यवाही के लिए सरपंच को नोटिस गंडई के एसडीएम द्वारा जारी किया गया था। नोटिस जारी किये जाने के बाद से आज तक लगातार अलग-अलग तारीखों में पेशी के लिए ग्रामीणों, सरपंच एवं जांच टीम को बुलाया गया है पर हर बार किसी न किसी कारण से पेशी को तारीख पे तारीख दे दिया जाता है जिसके कारण अब ये मामला लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कयास लगा रहे है कि सरपंच को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने इन कारणों से किया था शिकायत
जानकारी अनुसार सरपंच द्वारा मनरेगा अंतर्गत 4 परिवारों को मटेलियल राशि 9100 रूपये में से निर्माण पश्चात् 4-4 हजार रूपये दिया गया है। 17 परिवारों को राशि का भुगतान अब तक नही किया गया है। स्वीकृत परिवारों में 700 धमेला गिट्टी, 2 बोरी सीमेंट, 20 धमेला रेत, 6 धमेला गिट्टी एवं 1 दरवाजा का वितरण किया गया है। ग्राम में 8 शौचालय अब तक अपूर्ण है जिसमें हितग्राहियों द्वारा सेप्टिक टैंक निर्माण कर शौचालय अपूर्ण रखा गया है। 9 हजार 100 रूपये के एवज में 4000 हजार रूपये का भुगतान करने पर हितग्राहियो द्वारा हिसाब पूछे जाने पर सरपंच द्वारा कहा जाता है कि फोकट का पैसा है लेना है तो लो अन्यथा वह भी नही मिलेगा। 34 परिवारों को केवल 4 हजार रूपये भुगतान हुआ है। ग्रामीणों ने शिकायत के साथ लिखित आवेदन जिपं सीईओ को दिया था। जिसकी जांच गंडई के एसडीएम के द्वारा किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत में मामला मजाक बन गया
मनरेगा के तहत सभी ग्राम पंचायतों को शौचालय निर्माण करवाने का कार्य दिया गया था चुंकि पूरे प्रदेश को शौच मुक्त बनाना था। इसलिए इस मामले को गंभीरता के साथ पूरा करने सभी पंचायतों को कार्य दिया गया था परंतु ग्राम पंचायत धोधा में इस कार्य का मजाक बना कर रख दिया गया। यही कारण है कि अभी भी धोधा के बहुत सारे घरों में शौचालय पूर्ण नही हुआ है।

ग्रामीणों ने पूर्व में भी किये थे शिकायत
शौचालय के भुगतान में सरपंच-सचिव द्वारा कम भुगतान एवं भुगतान नही किये जाने पर ग्रामीणों ने लोक सुराज अभियान के तहत लगाये गए कैम्प जो कि ग्राम ठंडार में लगाया गया था में लिखित शिकायत किये थे। लोक समाधान शिविर वनांचल क्षेत्र बकरकट्टा में दोबारा आवेदन दिए थे, इसके अलावा जनपद पंचायत छुईखदान में भी लिखित शिकायत किये थे।

10 अगस्त तक पुन: पेशी के लिए बुलाया है
एसडीएम गंडई, हेमंत मत्स्यपाल ने कहा कि किसी न किसी कारण के चलते पेशी पूर्ण नही हो पा रहा है। आगामी 10 अगस्त को पुन: पेशी के लिए सबको बुलाया गया है।

Nakul Sinha
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