बाल यौन शोषण और लैंगिक शोषण से बालकों का संरक्षण अधिनियम पर दिया गया प्रशिक्षण ...

प्रशिक्षण में 22 गांव की बाल सुरक्षा समितियों के 180 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

By: Nitin Dongre

Published: 01 Mar 2020, 09:46 AM IST

राजनांदगांव. बाल यौन शोषण विषय पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन ग्राम तिलई में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 22 गांव के बाल सुरक्षा समिति, बाल समूह, पंचायत प्रतिनिधियों सहित कुल 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षक के रूप में बाल आयोग के पूर्व सदस्य और मोटिवेशनल स्पीकर शरद श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे।

वल्र्ड विजन इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वल्र्ड विजन के रोहित सूर्यवंशी, दीपक टंडन, सरपंच मथुराबाई नेताम, उप सरपंच शकील खान एवं पूर्व सरपंच राजेश्वरी साहू की उपस्थिति में छग राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शरद श्रीवास्तव के द्वारा बाल यौन शोषण, किशोर न्याय अधिनियम व लैंगिक शोषण से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उचित देखभाल व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे और विधि विवादित बच्चों के प्रकरणों पर पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर विस्तार से जानकारी दी गई।

सवालों का दिया गया जवाब

किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की शक्तियों, कार्यों और प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से संबंधित प्रकरणों में पुलिस को आने वाली समस्याओं पर भी समूह चर्चा कर उनके सवालों का जवाब दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शरद श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत जो भी संस्थाएं या व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्य करता है, उसका अंतिम उद्देश्य संबंधित बच्चे का सर्वोत्तम हित ही होना चाहिए।

इन गांव के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

प्रशिक्षण कार्यक्रम में गातापार, बागतराई, धर्मापुर, सेमरादैहान, डूमरडीह कला, रेंगाकठेरा, कांकेतरा, सिंगपुर, मोहबा, डिलापहरी, मकरपुर, भाठागांव, बोईरडीह, परेवाडीह, तुमड़ीलेवा, बांसुला, तिलई, डंगनिया, पदुमतरा, डोम्हाटोला, बुदेलीकला और धौंराभाठा के प्रतिभागियों ने भाग लिया।

Nitin Dongre Desk
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