लॉकडाउन की मार के बाद मौसम ने बरपाया कहर,  फसल बर्बाद

बुधवार दोपहर को तेज हवा-तूफान के साथ २० मिनट तक हुई तेज बारिश, खड़ी फसल को भारी नुकसान

By: Govind Sahu

Published: 29 Apr 2020, 08:16 PM IST

राजनांदगांव. कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन की स्थिति में किसानों को उपज का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। खास कर सब्जी की फसल के दाम बहुत गिर गए हैं। बाजार में अच्छी कीमत नहीं मिलने के कारण कई किसान अपने फसलों को खेतों में नष्ट कर चुके हैं, अब बेमौसम बारिश किसानों की कमर तोड़ रही है। बारिश से सब्जी व पककर तैयार हो चुके धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है।


ज्ञात हो कि पिछले तीन दिनों से लगातार आसमान पर बादल छा रहा था, लेकिन बुधवार दोपहर तेज हवा-तूफान के साथ ये कारे बदरा जमकर बरसे। तकरीबन २० मिनट तक अच्छी बारिश हुई। शहर से लेकर वनांचल में अच्छी बारिश हुई। तेज आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर पेड़ व डाल गिरे। इस बीच कुछ देर के लिए बिजली सप्लाई भी बाधित रही।


रबी में धान की फसल अब पककर तैयार हो चुकी है। कुछ किसानों ने कटाई भी शुरू करा दी है। धान की अच्छी आवक के चलते मंडी में नए धान को व्यापारी १३००-१५०० रुपए तक खरीद रहे हैं। लॉकडाउन की मार झेल रहे किसान-मजदूर के लिए यह दोहरी मार है।


नहीं मिली अंतर की राशि व बोनस
विस चुनाव से पहले कांगे्रस ने राज्य भर के किसानों से २५०० रुपए समर्थन मूल्य में धान खरीदी का वायदा किया था, लेकिन खरीदी १८१५-१८३५ रुपए तक की गई। कांग्रेस सरकार ने अंतर की राशि देने का वायदा की है, लेकिन अब तक अंतर की राशि किसानों के खाते में नहीं पहुंची है। वहीं कांग्रेस ने पिछले सरकार द्वारा खरीदे दो सालों का बोनस देने का भी वायदा किया था, उसका भी अब तक पता नहीं है।


आज भी हो सकती है बारिश
मौसम विभाग की माने तो दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास चक्रीय चक्रवात व दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश से लेकर तमिलनाडु द्रोणिका स्थित होने के कारण मौसम मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि इसका असर ३० अपै्रल को भी देखने का मिल सकता है। गुुरुवार को भी राज्य के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

Govind Sahu
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