शिक्षा रैंकिंग में एक पायदान और उतरा राजसमंद जिला

- 30वें से 31वें पायदान पर आया
- मई, जून, जलाई माह में थी 30वां स्थान
- जयपुर पहले व हनुमानगढ़ दूसरे स्थान पर
- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की माह अगस्त की जिलावार शिक्षा रैंकिंग जारी

By: Rakesh Gandhi

Published: 16 Sep 2020, 06:41 AM IST

राजसमन्द/आईडाणा. शिक्षा विभाग के लम्बे-चौड़े बेड़े के बाद भी राजसमन्द जिले में शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में राजसमंद का कद माह दर माह घटते हुए निचले स्तर पर आ गया है। माह अगस्त की रैंकिंग में राजसमंद जिला 31वें पायदान पर रहा है। पिछले अधिकतर आकड़ों में जिले की रैंकिंग 30 के आस-पास ही रही हैं। शिक्षा रैंकिंग, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी की जाती है।

विभाग का गैर जिम्मेदाराना रवैया
जिला लगातार निचली रैंक पर होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने शिक्षा के स्तर को सुधारने के सकारात्मक प्रयास नहीं किए। नतीजतन, जिले की रैंक एकाध बार को छोड़ दें तो अक्सर 30वें स्थान के पास ही रही। साथ ही राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से जारी रैंकिंग में सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने जिले का स्तर सुधारने को लेकर निर्देशित भी किया जाता है। रैंकिंग में जयपुर पहले, हनुमानगढ़ दूसरे व चूरू जिला तीसरे स्थान पर रहे है। वही राजसमंद, धौलपुर व प्रतापगढ़ की रैंकिंग सबसे खराब मानी गई है। ये जिले निचले पायदान पर है।

सघन मॉनिटरिंग के निर्देश
प्रदेश की जिला रैंकिंग में अंतिम पायदान पर रहे तीन जिलों राजसमंद, धौलपुर व प्रतापगढ़ में सुधार के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक ने इन तीनों जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से रैंकिंग में सुधार की अपेक्षा की है। सीडीइओ को कहा है कि इसे प्राथमिकता देते हुए अंतिम स्थान पर रहने वाले इन तीनों जिलों की सघन मॉनिटरिंग करें व अपेक्षित सुधार लाया जाएं। संभाग के उदयपुर, डूंगरपुर जैसे आदिवासी जिले भी रैकिंग में बेहतर स्थिति में है।

अगस्त माह में संभाग के जिलों की रैंकिंग
जिला स्कोर रैंक
चित्तौडगढ़ 177.16 4
डूंगरपुर 149.03 13
उदयपुर 140.99 24
बांसवाड़ा 139.88 28
राजसमन्द 136.62 31
प्रतापगढ़ 123.57 33

इस तरह तय होती है रैंकिंग
शिक्षा विभाग की ओर से हर माह शिक्षा रैंकिंग जारी की जाती है। इसमें सुधार के लिए पीइइओ को अपने अधीन स्कूलों के 43 पैरामीटर की सूचनाएं शाला दर्पण पर अपलोड करनी होती है। इसमें शाला दर्पण पर जिले के स्कूलों में समुदाय से राशि प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या की फीडिंग, ज्ञान सम्पर्क पोर्टल में प्राप्त राशि, बिजली, पानी की सुविधा से जुड़े स्कूल समेत अन्य 43 पैरामीटर वाले बिंदुओं को अपलोड करना होता है।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
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