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आ खिर कौन हैं जो चन्द्रभागा नदी में कर रहे अवैध बजरी खनन

चन्द्रभागा नदी में फिर से अवैध बजरी का कारोबार शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में 31 मई को सेलागुड़ा ग्राम पंचायत में हुई रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी।

राजसमंदJun 16, 2024 / 11:18 am

Madhusudan Sharma

Encrouchment news

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आमेट. चन्द्रभागा नदी में फिर से अवैध बजरी का कारोबार शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में 31 मई को सेलागुड़ा ग्राम पंचायत में हुई रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद कलक्टर खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ में चंद्रभागा नदी का अवलोकन किया और विभाग को नदी में किए जा रहे अवैध खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद माफिया ने फिर से अवैध खनन शुरू कर दिया है। ये कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खनिज विभाग के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों बताया हमारे खेत जो चंद्रभागा नदी तट पर है। उनके आसपास से भी बजरी माफिया द्वारा अवैध रूप से खनन करते हुए 10 से 15 फीट तक के गहरे गड्ढे बना दिए हैं। इन बजरी माफिया द्वारा नदी में खड़े करीब 1 दर्जन हरे पेड़ मशीनों से ध्वस्त कर दिए। बजरी का दोहन कर पेड़ नदी में छोड़ कर फरार हो गए।

पनप रहा खनन का अवैध कारोबार

जानकारी के अनुसार चंद्रभागा नदी के पेटे से ढेलाणा सेलागुडा, किशनपुरिया, भील मंगरा,घोसुंडी आदि जगहों से बड़ी मात्रा में बजरी माफियाओं द्वारा बजरी का अवैध खनन करते हुए फिर से नदी में अपने अड्डे जमा लिए हैं। ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर इन माफिया के द्वारा धमकी मिल रही है। जिससे परेशान होकर ग्रामीण अपने खेतों में जाने से भी डरने लगे हैं।

खनन माफिया ने बना दिए बड़े गड्ढे

सेलागुडा ग्राम के आसपास के खेत मालिकों ने बताया कि हमारे खेत नदी तट पर है किंतु रात्रि के समय बजरी माफिया द्वारा हमारे खेत के आसपास की बजरी को अवैध रूप से खनन करते हुए बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए ।जिसके चलते हमारे खेतों की दीवारें आने वाले बारिश के मौसम में कभी भी नदी के पानी के साथ में बह सकती है। ढेलाणा गांव के पास नदी में बने एनीकट के आसपास भी बजरी माफिया द्वारा खनन करने से इस एनीकट पर भी टूटने का खतरा मंडराने लगा है। रात्रि के समय बड़े-बड़े मशीनों के साथ में यह नदी में उतरकर बजरी का अवैध दोहन कर रहे हैं।

इनका कहना है

मेरा निजी खेत चंद्रमागा नदी के मुहाने पर है, किंतु विगत कई दिनों से बजरी माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बजरी खनन करने के चलते खेतों की दीवारें कमजोर हो गई है तथा आने वाले बारिश को मौसम में जब भी नदी में पानी का बहाव तेज होगा। यह दीवार गिर जाएगी। जिसके चलते किसानों को आर्थिक व कृषि हानि होने की संभावना है। ऐसे में खनिज विभाग को चाहिए कि वह इन अवैध बजरी माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

नंदलाल सुथार, ग्रामीण

ने बताया कि रात्रि के समय बजरी माफियाओं द्वारा बड़ी-बड़ी मशीन लेकर मेरे खेतों के आसपास तथा नदी पेट में बड़े-बड़े छायादार पेड़ों को उखाड़ कर उनके आसपास की बजरी अवैध रूप से ट्रैक्टरों के मार्फत भरकर चले गए। विरोध करने पर बजरी माफिया द्वारा जान माल के नुकसान करने की बात कही गई।जिससे मेरा परिवार दहशत में है।पुलिस विभाग द्वारा भी ध्यान नहीं देने से बजरी माफिया के हौसले बुलंद है।

भगवानलाल, ग्रामीण

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