पहले दिखाई सहानुभूति अब आर्थिक अत्याचार!

नाथद्वारा अस्पताल से किया रैफर, एम्बुलेंस तक नहीं भेजी
गरीब ने जैसे-तैसे कर 600 रुपए दिया किराया
शिशोदा के पीडि़त परिवार का मामला

By: Aswani

Published: 27 Jul 2020, 07:13 PM IST

राजसमंद. शिशोदा कला के गणेशलाल की खबर प्रकाशित होने के बाद पहले तो प्रशासन ने उसके साथ सहानुभूति दिखाई, उसकी पत्नी और बेटी को एम्बुलेंस से नाथद्वारा अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन दूसरे दिन ही पीडि़त के साथ सारी सहानुभूति समाप्त हो गई। नाथद्वारा अस्पताल प्रशासन ने रविवार सुबह ही उसकी पत्नी को रैफर कर दिया, और एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं करवाई, ऐसे में जैसे-तैसे ६०० रुपए का इंतजाम कर वह पत्नी को लेकर आरके जिला चिकित्सालय पहुंचा और पत्नी को भर्ती करवाया, यहां पर भी उसे कोई रियायत नहीं मिली। चिकित्सकों ने जो दवा लिखी उसमें १५० रुपए की दवा उसे बाहर से लानी पड़ी।


खमनोर ब्लॉक के शिशोदा कला निवासी गणेशलाल गमेती इन दिनों हालातों का मारा है। उसके परिवार को चारोतरफ मुसीबतों ने घेर रखा है। चार दिन पूर्व सर्पदंश से उसके बेटे की मौत हो गई, वहीं अब छोटी लड़की और पत्नी बीमार हैं। जो पैसे-रुपए थे वे सब लॉकडाउन में खर्च हो गए, अब उसके पास कोई आर्थिक सम्बल नहीं है। इसलिए वह अपनी पत्नी को अस्पताल नहीं ले जा रहा था। राजस्थान पत्रिका ने उसकी खबर प्रकाशित की। जिसके बाद नाथद्वारा से प्रशासनिक अमला उसके घर पहुंचा तथा एम्बुलेंस के जरिए उसकी पत्नी को और बेटी को नाथद्वारा सामान्य चिकित्सालय लाकर भर्ती करवाया गया। यहां महज एक दिन शनिवार को ही उसका उपचार हुआ। रविवार सुबह ही उसकी पत्नी का रैफर पर्चा बनाकर गणेश को थमा दिया गया। कहा गया कि अब इसे चाहे उदयपुर ले जाओ, चाहे जयपुर या राजसमंद। इसके बाद वह इधर-उधर पैसे के लिए भटका, करीब छह सौ रुपए का इंतजाम कर वह पत्नी को एम्बुलेंस से लेकर राजसमंद के राजकीय आरके जिला चिकित्सालय आया। यहां उसे भर्ती तो कर लिया गया लेकिन कुछ इंजेक्शन ऐसे लिखे गए जो निशुल्क दवा में नहीं मिले। ऐसे में उसे फिर १५० रुपए का इंतजाम कर इंजेक्शन खरीदने पड़े। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि उसके साथ सहानुभूति दिखाई जाती तो नाथद्वारा चिकित्सालय से उसे निशुल्क एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई जा सकती थी और जिला अस्पताल में बीपीएल कोटे से निशुल्क इंजेक्शन भी दिए जा सकते थे। इसके अलावा भी कई ऐसे मद होते हैं, जहां से गरीबों को निशुल्क दवा मिलती है।

Aswani Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned