करोड़़ों की सड़क से दो माह में ही उखडऩे लगा डामर

road damage in 2 months केलवा-आमेट मार्ग पर बरसों के प्रयास के बाद सुधरी है खस्ताहाल सड़क
पिछले बजट में ही मिली थी वित्तीय स्वीकृति

By: laxman singh

Published: 01 Jul 2019, 12:17 PM IST

प्रमोद भटनागर
केलवा. मार्बल क्षेत्र में केलवा से आमेट को जोडऩे वाली मुख्य रोड पिछले कई बरसों से खस्ताहाल थी। काफी प्रयासों के बाद इसका नवीनीकरण तो हुआ, लेकिन निर्माण के दो माह में ही सड़क से उखड़ता डामर अब क्षेत्र के लोगों का मुंह चिढ़ाने लगा है।
मार्बल मण्डी के क्षेत्र में स्थित केलवा से आमेट के पूरे मार्ग पर मार्बल की इकाइयां स्थापित है। ऐसे ेमें इस मार्ग पर बड़ी संख्या में मार्बल से लदे वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यह रोड पिछले कई बरसों से काफी खस्ताहाल था। इससे वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हो रही थी। वहीं, दुपहिया वाहन चालक रोड पर पड़े गड्ढ़ों के कारण आए दिन हादसों के शिकार हो रहे थे। ऐसे में क्षेत्र के लोग लम्बे समय से इस रोड के नवीनीकरण की मांग कर रहे थे। ऐसे में काफी प्रयासों के बाद इस मार्ग की रोड के नवीनकरण को लेकर राज्य सरकार से स्वीकृति मिली थी। वहीं, पिछले बजट में ही इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। लेकिन, काफी प्रयासों और लम्बे समय के बाद करोड़ों रुपए की स्वीकृति से बनने वाली रोड ठेकेदारों द्वारा जिस तरह से बनाई गई वह लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरने लगी है। निर्माण के मात्र दो माह बाद और महज एक बरसात के बाद ही इस रोड से उखड़ता डामर इसमें उपयोग ली गई घटिया सामग्री की ओर इशारा करने लगा है। इस मार्ग पर केलवा से सियाणा व आमेट तक कई जगहों पर डामर उखडऩा शुरू हो चुका है। ऐसे में डामर उखडऩे के साथ ही सड़क पर फिर से गड्ढ़े भी पडऩे लगे हैं। ऐसे में सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं करवाई गई तो क्षेत्र के लोगों के लिए यह सड़क चार दिन की चांदनी और फिर वही अंधेरी रात की कहावत को ही चरितार्थ करेगी। वर्तमान में इस मार्ग पर रात के समय दुपहिया वाहन चालकों को एकाएक उखड़ी सड़क दिखाई नहीं देने से दिक्कत हो रही है। इसको लेकर लोगों ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप लगाए हैं।
रोक दिया है ठेकेदार का भुगतान
मैंने सहायक अभियंता को चिट्ठी लिख दी है। रोड के मेंटेनेंस में घटिया निर्माण को लेकर कहा है। साथ ही भुगतान भी रोक दिया है।
डीके फुलवारिया, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग आमेट

 

पुलिया की बही रेलिंग की नहीं ली सुध
कुंवारिया. क्षेत्र के कुरज कस्बे के निकट स्थित बनास नदी पर तीन वर्ष पूर्व तेज वेग से पानी के बहाव के दौरान टूटी पुलिया की रेलिंग की अब तक सुध नहीं ली गई है। इससे इस मार्ग पर गुजरने वाले वाहन चालकों के दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी रहती है।
बनास नदी पर बनी यह रेलिंग बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के चलते टूट गई थी। इसके बाद क्षेत्र के लोग लगातार इसकी मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं। वहीं, प्रति वर्ष बारिश के मौसम के दौरान जिम्मेदारों को टूटी रेलिंग की मरम्मत की याद दिलाई जाती है। लेकिन, इसके बावजूद उनके द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही के दौरान यहां कभी-भी हादसा हो सकता है। खासतौर पर रात के समय पुल से गुजरने के दौरान राहगीरों व दुपहिया वाहनचालकों के टूटी रेलिंग से गिरने के कारण हादसे का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। इसको लेकर कुरज के मुरली खटीक, कैलाशगिरी गोस्वामी, गोपाल बोहरा, पंसस. कन्हैयालाल स्वर्णकार सहित ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से टूटी रेलिंग की तत्काल मरम्मत करवाने की मांग की है।

Asphalt from the road of millions of rupees in two months
laxman singh Reporting
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