मन चालक, शरीर वाहन एवं जिंदगी सड़क है, संभलकर चलो- राठौड़

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन पर पुरस्कार वितरण

By: jitendra paliwal

Published: 28 Feb 2021, 10:39 AM IST

राजसमन्द. मन चालक है, शरीर एक वाहन है। इसे जिंदगी की सड़क पर सम्भलकर चलाना ही हमारा कर्तव्य है। वाहनचालक को सदा अपना वाहन नियत गति व नियमों से चलाकर ही हम अपना जीवन सुरक्षित रख सकते हैं। यह विचार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2021 के समापन एवं पुरस्कार-सम्मान समारोह में भीलवाड़ा के जिला परिवहन अधिकारी वीरेंद्रसिंह राठौड़ ने व्यक्त किए।

मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नरेंद्र कुमार थे एवं आर.के. माइंस के डायरेक्टर नरेंद्र जैन विशिष्ट अतिथि थे। जिला परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या ने स्वागत कर सड़क सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से आयोजित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। साकेत साहित्य संस्थान के कवियों द्वारा लिखित पुस्तक सड़क सुरक्षा के स्वर का विमोचन भी हुआ। संपादक नारायणसिंह राव ने कहा कि आम जनता को यातायात नियमों की हिदायत देने के लिए पुस्तक में गीत, गजल, कविता, स्लोगन एवं नारे समाहित हैं। भीलवाड़ा की सड़क ब्रांड एम्बेसडर अरु नामा ने 'सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षाÓ आधारित भावपूर्ण प्रेरक नृत्य प्रस्तुत किया। पंड्या द्वारा लिखित निर्मित लघु नाटिका 'जीवनदानÓ का निर्देशिका कुसुम अग्रवाल के निर्देशन में प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। नृत्यांगना विभा पालीवाल एवं नर्तक तक्ष पालीवाल पालीवाल ने युगल नृत्य पेश किया। अतिथियों ने पुस्तक के संपादक मंडल, लेखक, सड़क मित्र एवं प्रतियोगिताओं के विजेता, आयोजकों का प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। महेश पालीवाल ने डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की। चाइल्ड लाइन समूह ने बाल विवाह आधारित नाटक पेश की। संचालन रूपेश पालीवाल ने किया।

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