तीन साल में 275 गांवों और 875 ढाणियों को मिलेगा साफ पेयजल

मगरा क्षेत्र के भीम-देवगढ़ ब्लॉक को बड़ी सौगात

By: jitendra paliwal

Published: 25 Feb 2021, 10:45 AM IST

देवगढ़ (राजसमंद). गहलोत सरकार ने राजसमंद जिले में सबसे बड़ी सौगात भीम-देवगढ़ को दी है। मगरा क्षेत्र को चम्बल परियोजना से जोडऩे के लिए 1 हजार 32 करोड़ रुपए सरकार ने आवंटित किए हैं। बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि परियोजना अगले तीन साल में पूरी होगी। इस योजना से भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की 54 पंचायतों के 150 किमी में बसे 275 राजस्व गांव और 875 ढाणियों एवं देवगढ़ शहर में पेयजल का स्थायी समाधान होगा। परियोजना समय पर पूरी हुई तो गांव-गांव ढाणी-ढाणी में घर-घर तक पेयजल वितरण होगा। परियोजना के लिए विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने प्रयास किए थे। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर निर्धारित समय में बनवाकर तैयार कर ली थी। राज्य सरकार को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट मिलते ही इसके लिए बजट का प्रावधान भी कर दिया गया है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने मंशा जता दी है। काफी समय से इस क्षेत्र के लोगों की यह मांग थी। इस क्षेत्र में पेयजल के संसाधनों की स्थायी उपलब्धता नहीं होने व भूमिगत जलस्तर नीचा होने से पेयजल के लिए समस्याएं हैं। गांवों के लोगों, खासतौर से महिलाओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च, 2020 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के देवगढ़ दौरे के दौरान भी क्षेत्र के लोगों ने इस गम्भीर समस्या से उन्हें अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने तब समाधान का आश्वासन दिया था। सालाना बजट में भी मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा कर दी। आरोली फिल्टर प्लांट से दोनों तहसीलों को जोडऩे की मंजूरी मिल गई। गत 16 अक्टूबर को डीपीआर बनाने सर्वे शुरू हुआ, जो निर्धारित समय में पूरा होने से बजट में इसे शामिल कर लिया गया।

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