scriptCentury's hunter gang busted | सेंचुरी की शिकारी गैंग का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार, दो और की तलाश | Patrika News

सेंचुरी की शिकारी गैंग का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार, दो और की तलाश

रावली-टॉडगढ़ में वन्यजीवों का शिकार : सरगना सहित दो आरोपी महाकाल गैंग के शातिर बदमाश

राजसमंद

Updated: January 14, 2022 09:27:32 pm

देवगढ़. स्थानीय पुलिस ने शिकारी गैंग का का पर्दाफाश करते हुए चार अरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दो आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कारतूस, एक चाकू, दो मृत जंगली मुर्गे एवं एक कार बरामद की है।
सीआई शैतानसिंह नाथवात ने बताया कि गुरुवार प्रात: 8.45 बजे मुखबीर के जरिए सूचना मिली कि रीको एरिया बग्गड़ में दो कारों में 5-6 व्यक्ति बन्दूक से फायर कर शिकार कर रहे हैं। इसको लेकर बग्गड़ चौकी प्रभारी हेड कांस्टेबल हीरसिंह को कांस्टेबल गुलजार सिंह, सुरेश कुमार, बाबु सिंह एवं राजकुमार व जाब्ते के साथ निजी वाहन से रीको एरिया बग्गड़ भेजा गया। मौके पर मुख्य रोड पर उदयपुर नंबर की दो कारें खड़ी थी। मौके पर 6 लोग थे, जिनमें से 5 लोग रोड पर खड़े थे एवं एक व्यक्ति कार में बैठा हुआ था। बाहर खड़े एक व्यक्ति के हाथ में बन्दूक थी, जो पुलिस जाप्ते को देखकर कार में सवार हो गया और कार में बैठे आरोपी के साथ कार को लेकर पीपली चौराहा की ओर भाग गए। इस पर पुलिस टीम ने मोबाइल से देवगढ़ थानाधिकारी को सूचना देकर दिवेर थाना सहित अन्य मार्गों पर नाकाबन्दी करवाई। वहीं, पुलिस टीम ने मौके पर खड़े व्यक्तियों को नाम-पते पूछे तो उन्होंने अपना नाम सरफराज पुत्र इश्तियाक निवासी उदयपुर, मोहम्मद कामरान पुत्र मोहम्मद रफिक निवासी उदयपुर, हनुवन्त सिंह उर्फ हनी पुत्र नन्हासिंह रावत निवासी नया तालाब काछबली देवगढ़ एवं हरेन्द्रसिंह पुत्र प्रतापसिंह रावत निवासी नया कुआं पीपलीनगर देवगढ़ होना बताया। पुलिस ने कार के बारे में पूछा तो सही जवाब नहीं दिया।
इस पर पुलिस ने कार की तलाशी ली तो कार में ड्राइवर सीट के नीचे एक प्लास्टिक के सफेद कट्टे में दो पक्षी मृत अवस्था में पाए गए, जिनको देखने पर दोनों की गर्दनें आधी-आधी कटी हुई पाई गई। साथ ही कार के अन्दर एक खाली बन्दूक का काला कवर चैन वाला, बेल्ट लगे हुए तथा कार में पीछे की सीट पर दो पाइन्ट टू के दो राउण्ड जिन्दा एक्सएफ लिखे हुए तथा दूसरा राउण्ड का बुलट शीशे का व खोल पीतल का गोल मिला। इस पर केएफ लिखा हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षियों की पहचान करने के लिए वन विभाग के रेंजर कमलेश रावत को फोन कर मौके पर बुलवाया। इस पर उन्होंने मृत पक्षियों की पहचान करते हुए उन्हें जंगली मुर्गे बताया। चारों शिकारियों से मृत पक्षियों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पक्षियों को वे कालीघाटी स्थित पाली रोड से शिकार करके लाए। साथ ही रीको में तीतर का शिकार करने के लिए दो फायर किए, लेकिन फायर मिस होने से शिकार नहीं हो सका। शिकार रेहान निवासी उदयपुर द्वारा किया गया था तथा रेहान बन्दूक लेकर कार में चालक के साथ भाग गया है। जबकि, कार चालक का नाम वे नहीं जानते।
पुलिस ने मौके पर चारों शिकारियों की तलाशी ली तो सरफराज खान की पेन्ट की जेब से एक धारदार एक फिट लम्बा चाकू मिला। उसे खोलकर देखा तो चाकू पर ताजा खून व बाल लगे हुए थे। पुलिस ने बताया कि चारों शिकारियों को मृत जंगली मुर्गों का वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र कालीघाटी रेंज कुम्भलगढ़ में शिकार कर कार में परिवहन कर रीको बग्गड़ क्षेत्र में तीतर के शिकार के लिए फायर करने व अपने कब्जे में चाकू, जिन्दा राउण्ड के बारे में लाईसेन्स व वैध कागजात के बारे में पूछा तो नहीं होना बताया। इस पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस प्रकार चारो शिकारियों व मौके से फरार हुए दो अन्य लोगों पर वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम एवं आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वृत्ताधिकारी भीम राजेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि शिकारी विगत सालभर से कालीघाटी संरक्षित वन्य जीव क्षेत्र से शिकार करते आ रहे हंै। आज सर्वप्रथम शिकार वन्यजीव क्षेत्र में किया, जहां पर उन्होंने दो जंगली मुर्गों को मारा उसके बाद तीतर मारने के लिए वे रीको एरिया में आए थे। बताया कि ये शिकारी वन विभाग में भी वांछित हैं एवं दो फरार अरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
दो अरोपी महाकाल के गैंग के
थानाधिकारी नाथावत ने बताया कि गिरफ्तार अरोपियों में दो आरोपी हनुवन्त सिंह उर्फ हनी एवं हरेन्द्रसिंह महाकाल गैंग के शातिर बदमाश हैं। हनी के खिलाफ चोरी, नकबजनी व लूट के करीब 8 मामले दर्ज हैं। वहीं, शिकारी गैंग का सरगना भी यही है।
मारवाड़ की तरफ से आकर करते शिकार
वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र कालीघाटी में देवगढ़ सहित मगरा क्षेत्र में वन विभाग एवं पुलिस की तत्परता के चलते इस क्षेत्र से शिकार की कम संभावना रहती है, जबकि अधिकांश शिकारी मारवाड़ की तरफ से आते और कालीघाटी क्षेत्र में शिकार करके चले जाते। जबकि, वहां वन कर्मी एवं होमगार्ड पदस्थापित हैं। इसके बावजूद करमाल चौराहा एवं जोजावर क्षेत्र में पुलिस एवं वन विभाग की उदासीनता के चलते शिकारियों की तादाद बढ़ती जा रही है।
सेंचुरी की शिकारी गैंग का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार, दो और की तलाश
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