पहले चरण में राजसमंद को चाहिए 4.5 लाख कोरोना वैक्सीन

टीका आया तो पहले हाई रिस्क जोन में शामिल गर्भवती महिलाएं, 10 साल से छोटे बच्चे, 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग, चिकित्सा और पुलिसकर्मियों को लगेगी, दूसरे व तीसरे चरण में पहुंचेगी आम आदमी तक

By: jitendra paliwal

Published: 28 Oct 2020, 11:17 AM IST

राजसमंद. दुनियाभर में कोरोना की वैक्सीन बनाने पर काम चल रहा है। वैक्सीन हब भारत में भी कई कम्पनियां रिसर्च में जुटी हैं, इस बीच रूसी वैक्सीन की खरीदी की बात चल रही है, तो जिले का चिकित्सा विभाग भी उपलब्ध होने की स्थिति में वैक्सीन हर व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में तैयारी शुरू कर रहा है। पहले चरण में करीब साढ़े 4.50 लाख वैक्सीन उन लोगों तक पहुंचाई जाएगी, जो हाई रिस्क जोन में हैं। दूसरे व तीसरे चरण में आम आदमी तक यह पहुंचेगी।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि पहला चरण गर्भवती महिलाएं, 10 साल से छोटी उम्र के बच्चे, 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग, डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, दिल और फेफड़े के रोगों से ग्रस्त मरीजों, पुलिसकर्मी व सुरक्षा में लगे कार्मिकों, चिकित्सा विभाग में डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंगकर्मी, एएनएम, आशाएं आदि के लिए होगा। जिले में यह आंकड़ा कुल आबादी का करीब 49 प्रतिशत होगा, जिसमें करीब साढ़े चार लाख लोग आ सकते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में आम लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी, जो कुल आबादी का शेष रहे 51 प्रतिशत लोग होंगे। इनमें सभी तरह की शहरी व ग्रामीण आबादी शामिल होगी

दो माह में पूरा हो जाएगा वैक्सीनेशन
कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत जिले के हर व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचने में करीब दो माह लगेंगे। यह समय टीकाकरण के लिए व्यक्ति की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा। टीकाकरण के लिए पहुंचने में देरी होने पर अतिरिक्त चरण लागू करना पड़ सकता है।

घर-घर नहीं जाएगी टीम
चिकित्सा विभाग का दावा है कि उनके पास कोरोना वैक्सीन के लिए पूरी कोल्ड चेन बनी हुई है। पर्याप्त आइसबॉक्स उपलब्ध हैं, लेकिन घर-घर जाकर वैक्सीनेशन करना मुमकिन नहीं होगा। यह वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान, उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। विभाग शिविर लगाएगा। एक निश्चित छायादार स्थान पर ही टीकाकरण होगा।

इतना स्टॉफ लगेगा अभियान में
वैक्सीनेशन जिला स्तर पर सीएमएचओ और आरसीएचओ की देखरेख में अधीनस्थ मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग स्टॉफ और एएनएम-आशाएं पूरा करेंगी। हरेक पीएचसी स्तर पर पर कोल्ड चेन मेंटेन होती है। जिले में 206 एएनएम हैं, जिन पर मुख्य दारोमदार रहेगा। जरूरत पडऩे पर मेलनर्स को भी फील्ड में उतारा जा सकता है। अगर एक कार्मिक एक दिन में अधिकतम डेढ़ सौ वैक्सीन लगाता है, तो कुल 30900 टीके लगेंगे। 30 दिन में नौ लाख 27 हजार वैक्सीन लग सकती है।

--टीकाकरण के दृष्टिकोण से--
11.50 लाख की अनुमानित आबादी है राजसमंद जिले की
30 प्रतिशत महिलाएं हैं कुल आबादी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में
15 प्रतिशत बच्चे हैं, जो 10 साल से छोटी उम्र के हैं
1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, होमगार्ड व अन्य सुरक्षाकर्मी हैं सरकारी व्यवस्था में
2000 मेडिकल स्टॉफ के लोग जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में
37 दिन लगेंगे पूरे जिले में टीकाकरण करने में उपलब्ध मानव संसाधन के हिसाब से

jitendra paliwal
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