अध्यक्ष का चैम्बर बंद, पार्षद भी नहीं गए

नाथद्वारा में सत्तापक्ष के पार्षदपतियों व आयुक्त के बीच विवाद

By: jitendra paliwal

Published: 05 Mar 2021, 12:23 PM IST

नाथद्वारा. नगरपालिका में सत्तापक्ष के पार्षदपतियों व आयुक्त के बीच गत सोमवार को हुए विवाद का असर अब तक पालिका में दिख रहा है। घटनाक्रम के बाद से पालिका में अध्यक्ष एवं सत्तापक्ष के कई पार्षद कार्यालय में ही नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को वहां कर्मचारियों के अतिरिक्त और कोई नजर नहीं आ रहा था। पालिकाध्यक्ष का चैम्बर भी बंद पड़ा था।
सोमवार को सत्तापक्ष के पार्षदों व महिला पार्षदों के पतियों के बीच मीटिंग हॉल में हुए घटनाक्रम के बाद आयुक्त की ओर से की गई शिकायत से मामला पुलिस तक पहुंच गया था। इस मामले में आयुक्त ने पार्षदपतियों के साथ पालिकाध्यक्ष मनीष राठी के एक सहयोगी का नाम भी शिकायत में जोड़ा था। इससे नाराज कई पार्षदों के साथ पालिकाध्यक्ष भी मंगलवार से पालिका कार्यालय में नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को वहां मौजूद कार्मिक ने पूछतने पर बताया कि पालिकाध्यक्ष मनीष राठी दो दिन से नहीं आए हैं। उधर, आयुक्त दोपहर के भोजन के लिए घर गए हुए थे। पालिका में सन्नाटा पसरा हुआ था।

पार्षद कह रहे जनता को क्या जवाब दें
पार्षदों ने बताया कि नगरपालिका जाकर क्या करें, जब वार्ड के कोई कार्य नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों को क्या जवाब दें। पालिका प्रशासन को वार्डों के कार्य कराने के लिए लिखित में अर्जियां दे रखी हैं, इसके बावजूद भी कार्य नहीं हो रहे हैं और टालमटोल जवाब दिए जाते हैं। एक पार्षद ने तो यहां तक कहा कि जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की समय पर सुनवाई नहीं होगी तो पालिका जाने से क्या होगा? विकास को लेकर डॉ. सीपी जोशी के दिशा-निर्देशो का हम अनुसरण कर रहे हैं, उसके बावजूद ऐसा माहौल बनाना कहां तक उचित है। पालिकाध्यक्ष से इस बारे में संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने इनकार कर दिया।

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