DECISION : बारात ले जाने के लिए बस समय पर नहीं पहुंची, तो 19 हजार रुपए का जुर्माना

सेवा में खामी मानते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने सुनाया फैसला

By: laxman singh

Updated: 07 Jan 2019, 09:58 PM IST

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

राजसमंद. जावद से उदयपुर बारात ले जाने के लिए समय पर बस उपलब्ध नहीं कराने पर सेवा में खामी मानते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच राजसमंद ने बस संचालक पर 19 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

न्यायिक सूत्रों के अनुसार गणेशनगर, जावद निवासी प्रभुलाल पुत्र नारायणलाल पालीवाल ने कोयड़ निवासी शंकरलाल पुत्र केशुलाल कुमावत एवं शिव ट्रावेल्स एजेंसी राडाजी बावजी मंदिर कांकरोली के विरुद्ध 3 जनवरी 2017 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच में वाद दायर किया। बताया कि 8 दिसम्बर 2016 को उसके पुत्र मुकेश का उदयपुर में खुशबू पुत्री महेश पुरोहित से शादी तय थी। इसके लिए 14101 रुपए में बस किराए पर की और 2100 रुपए अग्रिम दे दिए। इसके तहत 8 दिसम्बर 16 सुबह 11 बजे बस जावद पहुंचना तय था। 1 बजे उदयपुर में बारात स्वागत, नाश्ते का प्रबंध था। फिर भी 11 की बजाय 3 बजे तक भी बस नहीं पहुंची। मजबूरन 20 हजार रुपए में नई बस किराए की और शाम 5 बजे तक बारात उदयपुर पहुंची। तब तक उदयपुर में स्वागत, नाश्ते, घोड़े की व्यवस्थाएं धरी रह गई। कई बाराती निजी वाहन से उदयपुर पहुंचे। इस पर सेवा में खामी की वजह से हुई असुविधा, आर्थिक नुकसान व मानसिक संताप के लिए दो लाख 30 हजार रुपए हर्जाना दिलाने की मांग की गई। इस पर मंच अध्यक्ष कमलचंद नाहर, सदस्य किशोर कुमार गुर्जर व पुष्पा पुरोहित ने सुनवाई के बाद शिव ट्रावेल्स एजेंसी व शंकरलाल कुमावत की सेवा में खामी मानी। साथ ही पीडि़ता को अतिरिक्त किराए पेटे 6 हजार रुपए देने, शारीरिक, मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपए एवं वाद व्यय, वकील के लिए 3 हजार रुपए क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश दिए। इसके तहत 19 हजार रुपए की जुर्माना राशि देनी अनिवार्य है।

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