script'Don't earn, be naked, but don't earn by nakedness' | Gangaur Festival : 'कमाई न हो नग्न रहो, लेकिन नग्नता से कमाई न करो' | Patrika News

Gangaur Festival : 'कमाई न हो नग्न रहो, लेकिन नग्नता से कमाई न करो'

राजसमंद में गणगौर महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कवि सुरेन्द्र शर्मा से बातचीत

राजसमंद

Published: April 07, 2022 12:07:15 pm

हिमांशु धवल
राजसमंद. शहर में पर्यटन विभाग और नगर परिषद की ओर से पांच दिवसीय गणगौर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के तहत बुधवार रात्रि कवि सम्मेलन में हिस्सा लेने आए जाने-माने कवियों ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में विभिन्न सवालों के बेबाकी से दिए जवाब।
प्र. समाज में संजीदगी खत्म होकर हर क्षेत्र में गिरावट आई है, इसे आप कैसे देखते हैं।
उ. संजीदगी खत्म होने की मुख्य वजह व्यक्ति का स्तर गिरना है। पढ़ाई, राजनीति, धर्म सहित सभी के स्तर में गिरावट आई है। व्यक्ति का स्तर ऊंचा करोगो तो हरेक का ऊंचा हो जाएगा। व्यक्ति का स्तर बहुत बेहतर था तो गांधी नेहरू और सुभाषचन्द्र बोस जैसे लीडर हुए।
प्र. अभिव्यक्ति की आजादी में कमी आई है।
उ. अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला जा रहा है। वह क्षमता अब हमारे में बची नहीं है। वह कुचली जा रही है। हमें अपने परिवार को पालने के लिए वह सब करना पड़ता है, जो मन नहीं मानता है। किसी कवि ने क्या शेर कहा 'झूठ बोली तो किरदार मरता है सच बोली तो परिवार मरता है'।
प्र. टीवी चैनलों पर कॉमेडी नाटकों और कवि सम्मेलन में क्या अंतर है।
उ. कवि सम्मेलन और टी.वी चैनल के हास्य में सिर्फ एक फर्क है। मेरा मानना है कि कमाई नहीं हो तो नंगे रहो, लेकिन नंगेपन की कमाई मत करो। हम किसी भी स्तर पर उतर जाए लेकिन नंगेपन पर नहीं उतरते हैं। मंच से जनता दिखाई देती है। उसमें मां-बहन, भाई-बहन, बाप और बेटा बैठे होता हैं।
प्र. हास्य के नाम पर फूहड़ता परोसी जा रही है।
उ. कवि सम्मलेन के मंच पर अभी भी फूहड़ता नहीं आई है, जितना टीवी चैनलों के कार्यक्रमों में देखने को मिलती है। टीवी चैनलों पर परोसे जानी फूहड़ता और हमारी तुलना नहीं की जा सकती है। वह हास्य और उपहास में अंतर नहीं समझते। उन्हें अटहास का मतलब मालूम नहीं है। हास्य का मतलब होता है कि किसी को पीढ़ा न हो।
प्र. आप युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे।
उ. हमेशा संदेश देने वालों से बचना चाहिए। किसी के पद चिन्ह पर नहीं चलो, खुद निर्णय लेने की क्षमता पैदा करो, खुद ऐसे पद चिन्ह बनाओ जिस पर लोग चले। अपने जीवन को अपनी सोच और सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए, न कि थोपे गए विचारों पर।
Gangaur Festival : 'कमाई न हो नग्न रहो, लेकिन नग्नता से कमाई न करो'
प्रसिद्ध कवि सुरेन्द्र शर्मा

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ज्योतिष: ऊंची किस्मत लेकर जन्मी होती हैं इन नाम की लड़कियां, लाइफ में खूब कमाती हैं पैसाशनि देव जल्द कर्क, वृश्चिक और मीन वालों को देने वाले हैं बड़ी राहत, ये है वजहताजमहल बनाने वाले कारीगर के वंशज ने खोले कई राजपापी ग्रह राहु 2023 तक 3 राशियों पर रहेगा मेहरबान, हर काम में मिलेगी सफलताजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथJaya Kishori: शादी को लेकर जया किशोरी को इस बात का है डर, रखी है ये शर्तखुशखबरी: LPG घरेलू गैस सिलेंडर का रेट कम करने का फैसला, जानें कितनी मिलेगी राहतनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

आय से अधिक संपत्ति मामले में ओम प्रकाश चौटाला दोषी करार, 26 मई को सजा पर होगी बहसगुजरात में BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस व आदिवासियों के लगातार विरोध के बाद पार-तापी नर्मदा रिवर लिंक प्रोजेक्ट रद्दलंदन में राहुल गांधी के दिए बयान पर BJP हमलावर, बोली- 1984 से केरोसिन लेकर घूम रही कांग्रेसThailand Open 2022: सेमीफाइनल मुक़ाबले में ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट से हारीं सिंधु, टूर्नामेंट से हुई बाहरRajiv Gandhi 31st Death Anniversary: अधीर रंजन ने ये क्या कह दिया, Tweet डिलीट कर देनी पड़ रही सफाई, FIR तक पहुंची बातपाकिस्तान पुलिस ने पूर्व पीएम इमरान खान के आवास पर की छापेमारीभीषण गर्मी : देश में 140 में से 60 बड़े बांधों का पानी घटा, राजस्थान के भी तीन बांधNCP प्रमुख शरद पवार आज पुणे में ब्राह्मण समुदाय के नेताओं से क्यों मिल रहे हैं?
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.