NEGLIGENCE : नाथद्वारा शहर के विकास कार्य करवाने में सुस्त रही नगरपालिका : 40 करोड़ घटा दिया बजट

NEGLIGENCE : नाथद्वारा शहर के विकास कार्य करवाने में सुस्त रही नगरपालिका : 40 करोड़ घटा दिया बजट

laxman singh | Publish: Feb, 15 2018 02:35:08 PM (IST) Rajsamand, Rajasthan, India

टैक्स व किराया वसूली में भी दिखी ढिलाई

 

नाथद्वारा. नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर पिछले साल सुस्त दिखे बोर्ड ने अगले वित्तीय वर्ष में भी विकास का सब्जबाग दिखाया है। वहीं, इस बार का बजट पिछले साल से काफी कम पेश किया गया। सुखाडिय़ा नगर स्थित पालिका कार्यालय में अध्यक्ष लालजी मीणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्त कमेटी की ओर से बजट पेश किया गया, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शहरी जलप्रदाय योजना को जोड़ते हुए कुल ६८ करोड़ ८० लाख ८६ हजार रुपए का अनुमानित बजट पेश किया गया। इसमें विकास पर १९८५ लाख रुपए खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। जबकि, इसमें यह नहीं बताया गया है कि विकास कार्य में क्या-क्या योजनाएं प्रस्तावित की जाएगी या क्या नया होगा। वहीं, जन स्वास्थ्य, जिसमें सफाई कार्य आदि पर आवर्तक व्यय में ७८९ लाख रुपए नए वित्तीय वर्ष में खर्च करने का प्रस्ताव लिया गया। बजट में रोशनी एवं कर्मचारियों के वेतन सहित २५.५१ लाख रुपए खर्च होने का अनुमान बताया गया। आवर्तक व्यय में विभिन्न मदों वाहन संधारण, पशु गृह, रोशनी, पानी के बिल आदि पर होने वाले खर्चे को भी पिछले वित्तीय वर्ष से कुछ बढ़ाकर प्रस्ताव लिए गए। वहीं, आय के लिए आवर्तक मद में टैक्स नगरीय विकास कर, सफाई कर आदि के लिए ३४३ लाख, ९० ए भूमि रूपांतरण, रोड कटिंग आदि से आय के लिए १२७ लाख रुपए, वहीं मोबाइल टावर, वाटिका पंजीयन सहित अन्य कर आदि से आय को ११२.३० लाख रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। बजट प्रस्तुत करने के बाद पालिकाध्यक्ष ने पारित करने के लिए कहा तो सदन में मौजूद सत्ता पक्ष के पार्षदों ने मेजें थपथपाकर समर्थन किया, जबकि विपक्ष इस दौरान चुपचाप बैठा रहा। बैठक में पालिका आयुक्त लजपाल सिहं सौदा सहित विभिन्न कमेटियों के अध्यक्ष पार्षद एवं पालिका कर्मचारी उपस्थित थे।

आय बढ़ाने में कमजोर साबित हुई पालिका
पिछले वित्तीय वर्ष में पालिका में आय बढ़ाने के स्त्रोत के लिए जो राशि प्रस्तावित की गई। उसमें पालिका प्रशासन जबर्दस्त फिसड्डी साबित हुआ। पालिका को किराए से प्राप्त आय की मद में वाटिका पंजीयन, मोबाइल टावर, दुकानों का किराया आदि से पिछले वर्ष ११२.३० लाख रुपए प्रस्तावित किए गए थे। जबकि, इसके मुकाबले मात्र ४.४६ लाख रुपए की ही वसूली की जा सकी। जबकि, शहर में कई वाटिकाएं, मोबाईल टावर आदि स्थापित हैं। बायलॉज, जिसमें प्रमाण पत्र, तामीर स्वीकृति, सभी प्रकार के पंजीयन से आय में ४६४.५६ लाख रुपए का पिछले बजट में प्रस्ताव था, उसके मुकाबले मात्र २६.४० लाख रुपए की ही आय हुई। इसी प्रकार टैक्स, जिसमें नगरीय कर, विकास कर, सफाई कर, चुंगी पुनर्भरण में पूर्व में प्रस्तावित ३१४.१४ लाख रुपए के मुकाबले २१५.१३ लाख रुपए की वसूले गए। यही नहीं अधिनियम के अन्तर्गत पेनल्टी व समझौता आदि से आय के रूप में ३० लाख के प्रस्ताव के मुकाबले मात्र ३४ हजार रुपए की ही आय हुई।

60 करोड़ इस बजट में हुए कम
पिछले बजट में शहर के समीप मांडक बांध के निर्माण के लिए प्रस्तावित लगभग ६० करोड़ रुपए की राशि इस बार बजट में शामिल नहीं की गई। जबकि, इस बारे में पिछले वर्ष की बजट बैठक में विपक्ष के द्वारा एतराज जताया गया था कि कोई भी प्रस्तावित योजना की राशि को बजट में शामिल नहीं किया जाता है।

बजट के दौरान बहस भी
बजट पेश होने के बाद विपक्षी पार्षद प्रमोद गुर्जर, सुरेन्द्र सिंह राजपूत, भारती वर्मा आदि ने अपने पक्ष रखे व बजट के अलावा अन्य बिंदुओं पर, जिसमें रोड लाईटों को मनमर्जी एवं चहेते लोंगों के यहां लगाने एवं बस्तियों में अंधेरा होने को लेकर पालिका की अनदेखी को कारण बताते हुए रोष जताया गया। वहीं, सत्ता पक्ष के पार्षद ने भी सीवरेज से शहर की बदहाली पर ध्यान दिलाते हुए कार्यवाही करने की बात कही। इस पर विपक्ष ने चुटकी ली कि सत्ता पक्ष भी अपनी पीड़ा को सदन में बयां कर रहा है।

पूरे करवाएंगे विकास के कार्य
विकास का बजट है, राशि कम खर्च की उसका फंड की उपलब्धता के आधार पर कार्य किया गया। आगामी समय में कई विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे।
लालजी मीणा, पालिकाध्यक्ष, नाथद्वारा

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned